ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
नोएडा की हाईराइज सोसाइटियों को देखकर अक्सर लगता है कि यहां रहने वालों की जिंदगी बेहद आरामदायक और सुरक्षित होगी। लेकिन इन दिनों कुछ सोसाइटियों के निवासी एक अलग ही डर के बीच रह रहे हैं। लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करके खरीदे गए फ्लैटों में रहने वाले लोगों को अब छत, बालकनी और दीवारों से प्लास्टर या सीमेंट के हिस्से गिरने की चिंता सता रही है। हाल के महीनों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई सोसाइटियों से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। कहीं बालकनी का प्लास्टर गिरा तो कहीं टावर से मलबा नीचे आ गिरा। इससे निवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
सेक्टर-78 में बढ़ी लोगों की चिंता
नोएडा के सेक्टर-78 स्थित आदित्य अर्बन कासा में हाल ही में प्लास्टर गिरने की घटनाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। निवासियों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति अपनी जिंदगी की बड़ी बचत लगाकर घर खरीदता है, तो उससे सबसे पहले सुरक्षा और सुकून की उम्मीद करता है। लेकिन अगर हर वक्त यह डर बना रहे कि ऊपर से प्लास्टर या सीमेंट का टुकड़ा गिर सकता है, तो ऐसे घर में रहना मुश्किल हो जाता है।
इसी सेक्टर की अंतरिक्ष गोल्फ व्यू-2 सोसाइटी में भी स्थिति को लेकर निवासी परेशान हैं। दावा है कि प्लास्टर गिरने के डर से कुछ लोग और बच्चे हेलमेट पहनकर सोसाइटी परिसर में निकलने लगे। सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें लोग हेलमेट पहने दिखाई दे रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भी सामने आए मामले
प्लास्टर गिरने की समस्या सिर्फ नोएडा तक सीमित नहीं है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसाइटियों से भी ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं। विहान ग्रीन्स में जुलाई 2026 के दौरान करीब 10 दिनों में 20 से 25 घरों में प्लास्टर गिरने की घटनाओं का दावा किया गया। निवासियों ने क्षतिग्रस्त हिस्सों की जांच और स्थायी मरम्मत की मांग को लेकर चिंता जताई।
गैलेक्सी रॉयल सोसाइटी में अगस्त 2025 में बी टावर से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा गिरकर मेंटेनेंस ऑफिस के बाहर बने टीन शेड पर जा गिरा था। वहीं पंचशील हाईनिश में अक्टूबर 2025 में एक फ्लैट की बालकनी में प्लास्टर का बड़ा हिस्सा गिरने की घटना सामने आई थी। इन घटनाओं ने सवाल खड़ा किया है कि आखिर नई और महंगी हाईराइज इमारतों में ऐसी समस्याएं क्यों सामने आ रही हैं।
करोड़ों के फ्लैट में भी डर क्यों?
आदित्य अर्बन कासा के निवासी अनमोल और आदित्य राजपुर के मुताबिक, नोएडा में अच्छे इलाके की सोसाइटी में रहना आम परिवार के लिए बड़ा निवेश है। किराए पर रहने वाले लोगों को भी हर महीने करीब 30 से 40 हजार रुपये तक खर्च करना पड़ सकता है, जबकि फ्लैट खरीदने में करोड़ों रुपये तक लग जाते हैं। ऐसे में लोगों की उम्मीद होती है कि उनका घर सुरक्षित होगा। लेकिन अगर सोसाइटी में चलते समय ऊपर देखने की जरूरत पड़े कि कहीं कोई हिस्सा गिर न जाए, तो यह चिंता स्वाभाविक है।
बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता
अंतरिक्ष गोल्फ व्यू-2 के निवासियों का कहना है कि टावरों से प्लास्टर और मलबा गिरने की घटनाएं लगातार डर पैदा कर रही हैं। खासकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को लेकर परिवार ज्यादा चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि ऊंची मंजिलों से गिरने वाला छोटा सा हिस्सा भी नीचे मौजूद व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल कर सकता है। इसलिए समय रहते जांच और स्थायी मरम्मत जरूरी है।
50-60 लाख का फ्लैट लेकर भी परेशान परिवार
सेक्टर-73 के सर्फाबाद इलाके की एक सोसाइटी में रहने वाले सुधीर राय बताते हैं कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही करीब 50-60 लाख रुपये खर्च करके फ्लैट खरीदा है। परिवार के साथ नए घर में रहने की उम्मीद थी, लेकिन सोसाइटी की कई कमियों ने उन्हें परेशान कर दिया। उनका कहना है कि जब मूलभूत सुविधाओं के साथ सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं भी सामने आएं, तो मन में यह सवाल उठता है कि इतना बड़ा निवेश करके फ्लैट खरीदना सही फैसला था या नहीं।
अब जवाबदेही तय करने की जरूरत
नोएडा की हाईराइज सोसाइटियों में प्लास्टर गिरने की घटनाएं सिर्फ रखरखाव का मामला नहीं हैं, बल्कि सीधे लोगों की सुरक्षा से जुड़ी हैं। निवासियों की मांग है कि ऐसी शिकायतों की तकनीकी जांच हो, इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा का आकलन किया जाए और जहां जरूरत हो, वहां स्थायी मरम्मत कराई जाए।आखिर करोड़ों रुपये खर्च करके खरीदा गया घर तभी घर कहलाएगा, जब वहां रहने वाले लोग सुकून और सुरक्षा के साथ अपनी जिंदगी जी सकें।
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