ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए 15 जून 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया। लंबे इंतजार के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से व्यावसायिक उड़ान सेवाओं की आधिकारिक शुरुआत हो गई। इस अवसर पर लखनऊ से उड़ान भरकर आई इंडिगो की पहली फ्लाइट ने जेवर स्थित एयरपोर्ट पर सफल लैंडिंग की। एयरपोर्ट पर विमान का पारंपरिक वाटर कैनन सलामी के साथ स्वागत किया गया।
लखनऊ से आई पहली उड़ान
इंडिगो की पहली निर्धारित फ्लाइट सुबह लखनऊ से रवाना होकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची। इस लैंडिंग के साथ ही एयरपोर्ट का वाणिज्यिक संचालन औपचारिक रूप से शुरू हो गया। यह उत्तर प्रदेश के विमानन इतिहास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। विशेष बात यह रही कि उद्घाटन उड़ान में बड़ी संख्या में किसान भी शामिल थे। इनमें वे किसान भी थे जिन्होंने वर्षों पहले एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी।
किसानों के लिए बना यादगार दिन
पहली उड़ान को खास बनाने के लिए लगभग 150 किसानों को यात्रा का अवसर दिया गया। इनमें 20 महिला किसान भी शामिल थीं। कई किसानों ने पहली बार हवाई यात्रा का अनुभव किया। यह कदम उन लोगों के योगदान को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है, जिनकी जमीन पर आज यह विशाल एयरपोर्ट खड़ा है।
11,200 करोड़ रुपये की लागत से बना एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश की सबसे महत्वाकांक्षी विमानन परियोजनाओं में से एक है। इसका पहला चरण लगभग 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में इसका शिलान्यास किया था और अब यह परियोजना वास्तविक संचालन के चरण में पहुंच गई है।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
एयरपोर्ट को आधुनिक तकनीक और तेज यात्री सुविधा प्रणाली के साथ विकसित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यात्री एंट्री गेट से बोर्डिंग गेट तक लगभग 20 मिनट में पहुंच सकेंगे। इसका उद्देश्य यात्रा को अधिक सुविधाजनक और समय बचाने वाला बनाना है।
कई शहरों से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
इंडिगो ने नोएडा एयरपोर्ट को देश के कई प्रमुख शहरों से जोड़ने की योजना बनाई है। शुरुआती चरण में लखनऊ, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत कई शहरों के लिए उड़ानें शुरू की जा रही हैं। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और NCR के यात्रियों को बड़ा फायदा मिलेगा।
दिल्ली एयरपोर्ट का बनेगा विकल्प
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भविष्य में दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद करेगा। इससे NCR में हवाई यातायात का बेहतर वितरण होगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होना उत्तर प्रदेश और पूरे NCR के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। लखनऊ से पहुंची पहली इंडिगो फ्लाइट ने इस परियोजना को नई उड़ान दी है। बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक सुविधाएं और बढ़ते हवाई नेटवर्क के साथ यह एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख विमानन केंद्रों में शामिल हो सकता है।
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