ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एक मामले में पीड़िता को WhatsApp Group में जोड़कर शेयर बाजार में निवेश का प्रशिक्षण देने का दावा किया गया और बाद में लाखों रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
पहले भरोसा जीतते हैं ठग
ऐसे मामलों में साइबर ठग सीधे बड़ी रकम नहीं मांगते। पहले पीड़ित को छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाया जाता है। इससे व्यक्ति को लगता है कि ऐप और पूरी प्रक्रिया असली है। इसके बाद धीरे-धीरे निवेश की रकम बढ़ाई जाती है। पीड़ित जब बड़ा पैसा लगाता है तो उसे फर्जी पोर्टफोलियो में भारी मुनाफा दिखाया जाता है।
करोड़ों का फर्जी मुनाफा
एक मामले में पीड़िता ने कई बार में कुल 64.46 लाख रुपये ट्रांसफर किए। ठगों ने ऐप पर रकम बढ़ती हुई दिखाई और बाद में जब पैसे निकालने की कोशिश की गई तो अतिरिक्त रकम जमा करने को कहा गया। यहीं से पीड़ित को शक हुआ कि पूरा खेल फर्जी है।
Withdrawal के नाम पर नया बहाना
साइबर ठगों का सबसे आम तरीका यही होता है कि जब पीड़ित अपना पैसा वापस मांगता है तो उसे कोई नया कारण बता दिया जाता है। कभी टैक्स, कभी क्रेडिट स्कोर, कभी SEBI की कार्रवाई और कभी किसी दूसरे शुल्क के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगे जाते हैं। पीड़ित अगर फिर रकम भेज देता है तो ठग एक और बहाना तैयार कर लेते हैं।
Fake Trading App से सावधान
साइबर अपराधियों द्वारा बनाए गए फर्जी ट्रेडिंग ऐप असली ऐप की तरह दिखाई दे सकते हैं। इनमें निवेश, मुनाफा और पोर्टफोलियो सब कुछ स्क्रीन पर दिखता है, लेकिन वास्तव में पैसा ठगों के नियंत्रण वाले खातों में जा चुका होता है। नोएडा में पहले भी फर्जी AI और Algo Trading Software के नाम पर ठगी का मामला सामने आ चुका है, जिसमें लोगों को निश्चित मुनाफे का लालच दिया गया था।
कैसे बचें?
किसी भी अनजान WhatsApp Group से मिलने वाली निवेश सलाह पर भरोसा न करें। किसी ऐप पर पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता जांचें। सबसे जरूरी बात—शेयर बाजार में गारंटीड मुनाफा जैसी कोई सामान्य व्यवस्था नहीं होती। अगर कोई व्यक्ति कम समय में बहुत ज्यादा और पक्का मुनाफा देने का दावा कर रहा है तो यह बड़ा लाल संकेत है।
ठगी होने पर क्या करें?
अगर ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए तो तुरंत बैंक को जानकारी दें और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, पैसे को फ्रीज कराने की संभावना उतनी बेहतर हो सकती है। ऑनलाइन निवेश में सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!