ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में चर्चा में आई नोएडा की रुचिका सिंह अब एक अलग वजह से सुर्खियों में है। दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से माफी देने के संदेश के बाद लिया गया। अब रुचिका के खिलाफ इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, FIR रद्द होने के बावजूद रुचिका और उसकी मां की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। धमकियों के चलते दोनों को अब तक तीन बार अपना घर बदलना पड़ा है।
FIR में पता लीक होने का दावा
रुचिका सिंह के वकील अनिल कुमार का कहना है कि FIR में दर्ज पता सार्वजनिक होने के बाद परेशानियां बढ़ गईं। उनके अनुसार, कुछ अनजान लोग और पुलिसकर्मी रुचिका के नोएडा स्थित घर तक पहुंचने लगे, जिसके बाद सुरक्षा को देखते हुए उसे और उसकी मां को वहां से जाना पड़ा। पहले दोनों फरीदाबाद में एक रिश्तेदार के घर गए, लेकिन कथित धमकियां जारी रहने के बाद उन्हें फिर किसी अज्ञात स्थान पर जाना पड़ा।
रुचिका ने वीडियो जारी कर मांगी थी माफी
विवाद बढ़ने के बाद रुचिका सिंह ने एक वीडियो जारी कर अपने व्यवहार के लिए देशवासियों से माफी मांगी थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी माफी देने का संदेश दिया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने FIR खत्म करने की प्रक्रिया शुरू की।
वकील ने उम्र को लेकर उठाए सवाल
रुचिका के वकील अनिल कुमार ने FIR की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि FIR दर्ज होने के समय रुचिका की उम्र केवल 14 साल थी। 1 अगस्त को वह 15 साल की हुई है। वकील के मुताबिक, FIR में उसकी उम्र का उल्लेख नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि रुचिका नाबालिग है और दिल्ली के एक स्कूल से ओपन स्कूलिंग के जरिए 10वीं कक्षा की पढ़ाई कर रही है।
सोशल मीडिया पर फैले दावों को बताया गलत
रुचिका के वकील ने सोशल मीडिया पर चल रही उन बातों को गलत बताया, जिनमें उसकी उम्र और काम को लेकर दावे किए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि रुचिका 25 साल की नहीं है और न ही वह किसी सैलून में काम करती है। वकील के अनुसार, रुचिका की मां सिंगल पैरेंट हैं और प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाकर परिवार का खर्च चलाती हैं।
रेप और जान से मारने की धमकियों का दावा
रुचिका ने दावा किया है कि उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रेप और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। वकील का आरोप है कि FIR में पता सार्वजनिक होने के बाद कुछ राजनीतिक रूप से जुड़े लोग और अन्य लोग उनके घर तक पहुंचने लगे और धमकियां देने लगे। उन्होंने कहा कि लगातार डर और दबाव के कारण रुचिका और उसकी मां मानसिक तनाव से गुजर रही हैं।
FIR में लगाए गए थे कई आरोप
यह FIR एक वकील की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। इसमें उस वीडियो का जिक्र था, जिसमें रुचिका कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती दिखाई दे रही थी। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कुछ धाराओं के तहत मानहानि, जानबूझकर अपमान और सार्वजनिक शांति भंग करने जैसे आरोप लगाए गए थे। अब FIR रद्द होने के बाद कानूनी विवाद खत्म हो गया है, लेकिन रुचिका और उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर सवाल बने हुए हैं।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!