ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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नोएडा को अक्सर हाईटेक सिटी और आधुनिक इमारतों के शहर के तौर पर देखा जाता है। लेकिन इसी शहर से सामने आया एक वीडियो बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर रहा है। सेक्टर-78 स्थित वाल्मीकि बस्ती में पानी की किल्लत से परेशान बच्चे नाले में उतरकर पानी भरते दिखाई दिए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। रिपोर्ट के मुताबिक, बस्ती में करीब 400 परिवार पिछले लगभग एक महीने से पानी और बिजली की समस्या का सामना कर रहे हैं। नियमित पानी की सप्लाई नहीं मिलने के कारण लोगों को बेहद मुश्किल हालात में पानी जुटाना पड़ रहा था।
लीक पाइपलाइन से पानी भरने को मजबूर लोग
स्थानीय लोगों के अनुसार, बस्ती में घरों तक पानी की सप्लाई बाधित होने के बाद लोगों ने बड़े नाले के नीचे से गुजर रही गंगाजल पाइपलाइन के लीकेज से पानी लेना शुरू किया। हालात इतने खराब हो गए कि बच्चों को भी पानी भरने के लिए नाले में उतरना पड़ा। वायरल वीडियो में बच्चों को जोखिम भरे तरीके से नाले के अंदर जाकर पानी इकट्ठा करते देखा गया। यह स्थिति इस बात को दिखाती है कि नियमित पानी की सुविधा नहीं मिलने पर लोग किस तरह मजबूरी में खतरनाक रास्ते अपना रहे हैं।
वीडियो वायरल हुआ तो हरकत में आया प्राधिकरण
बच्चों का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद नोएडा प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने उन जगहों को बंद करने की कार्रवाई शुरू की, जहां से लोग लीक हो रही पाइपलाइन का पानी ले रहे थे। बताया गया कि पाइपलाइन के एक लीकेज को पहले वेल्डिंग के जरिए बंद किया गया था। इसके बाद लोगों ने नाले के किनारे पाइपलाइन में मौजूद दूसरे लीकेज से पानी लेना शुरू कर दिया। अब प्राधिकरण ने इन स्रोतों को भी बंद करने की कार्रवाई की।
लीकेज बंद हुआ, लेकिन पानी की समस्या बरकरार
प्राधिकरण की कार्रवाई का उद्देश्य बच्चों और स्थानीय लोगों को नाले में उतरने से रोकना है। लेकिन दूसरी तरफ बस्ती के लोगों की परेशानी खत्म नहीं हुई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों में अभी भी नियमित पानी की सप्लाई नहीं है। ऐसे में पाइपलाइन के लीकेज बंद होने के बाद उन्हें पीने का पानी खरीदना पड़ सकता है। लोगों की मांग है कि खतरनाक लीकेज बंद करने के साथ-साथ बस्ती में नियमित पानी की व्यवस्था भी की जाए।
हाईटेक नोएडा में बुनियादी सुविधाओं पर सवाल
सेक्टर-78 की यह तस्वीर नोएडा के विकास के साथ-साथ शहर में बुनियादी सुविधाओं की समान पहुंच पर भी सवाल उठाती है। एक तरफ शहर में ऊंची इमारतें, आधुनिक सोसायटियां और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर दिखाई देता है, वहीं दूसरी तरफ करीब 400 परिवार पानी जैसी जरूरी सुविधा के लिए परेशान हैं। सबसे गंभीर चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। पानी की जरूरत पूरी करने के लिए उन्हें नाले में उतरना पड़ा, जहां किसी भी समय दुर्घटना हो सकती थी। ऐसे में सिर्फ लीकेज बंद करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता।
अब नियमित पानी की सप्लाई की मांग
प्राधिकरण की ओर से खतरनाक पानी के स्रोतों को बंद करने की कार्रवाई जरूरी है, लेकिन इसके साथ बस्ती के लोगों को वैकल्पिक और नियमित पानी उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। वाल्मीकि बस्ती के लोगों की मांग यही है कि उन्हें सुरक्षित तरीके से पीने का पानी मिले, ताकि बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर पानी लेने के लिए नाले में उतरना न पड़े। नोएडा की यह घटना शहर के विकास के बीच बुनियादी सुविधाओं की पहुंच और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर एक गंभीर सवाल जरूर खड़ा करती है।
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