ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
नोएडा में यमुना किनारे बने पुस्ते की मरम्मत और मजबूती का काम शुरू कर दिया गया है। मानसून के दौरान यमुना का जलस्तर बढ़ने पर आसपास के इलाकों में बाढ़ और जलभराव का खतरा रहता है। ऐसे में पुस्ते को मजबूत करने का काम स्थानीय लोगों और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यमुना किनारे का यह तटबंध कई रिहायशी और ग्रामीण इलाकों को नदी के बढ़ते पानी से सुरक्षा देने में अहम भूमिका निभाता है।
यमुना के बढ़ते जलस्तर से सुरक्षा की तैयारी
नोएडा के यमुना किनारे बने तटबंध का उद्देश्य नदी के पानी को आबादी वाले इलाकों में पहुंचने से रोकना है। मानसून के दौरान तेज बारिश और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में पुस्ते की मजबूती बेहद जरूरी हो जाती है। पिछले वर्षों में यमुना का जलस्तर बढ़ने पर नोएडा के निचले इलाकों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी पहुंचने की स्थिति सामने आती रही है। ऐसे में समय रहते तटबंध की मरम्मत को बाढ़ प्रबंधन की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।
कई हिस्सों में हो चुकी है परेशानी
यमुना किनारे बने पुस्ते और उससे जुड़ी सड़क को लंबे समय से भारी यातायात और बारिश का सामना करना पड़ रहा है। नोएडा अथॉरिटी ने भी यमुना पुस्ता रोड के खराब हिस्सों की मरम्मत और मजबूती के लिए योजना बनाई है। सड़क में गड्ढे और कई जगह खराब सतह की समस्या सामने आई थी। अधिकारियों के मुताबिक, भारी ट्रैफिक के साथ जलनिकासी से जुड़ी दिक्कतों और कुछ हिस्सों में पानी के रिसाव ने सड़क और तटबंध से जुड़े ढांचे को प्रभावित किया है।
आसपास के इलाकों को मिलेगा फायदा
यमुना पुस्ता नोएडा के कई महत्वपूर्ण सेक्टरों और गांवों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। इसके आसपास सेक्टर-94, 125, 126, 127, 128, 132 और 135 समेत कई इलाके हैं। साथ ही आसपास के गांव भी यमुना के करीब स्थित हैं। पुस्ते की मरम्मत पूरी होने के बाद बाढ़ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे आसपास रहने वाले लोगों के साथ-साथ किसानों और दूसरे स्थानीय लोगों को भी राहत मिल सकती है।
सड़क की मरम्मत से यातायात भी होगा आसान
यमुना पुस्ता रोड सिर्फ बाढ़ सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह नोएडा एक्सप्रेसवे के लिए एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी काम करता है। पीक आवर में नोएडा एक्सप्रेसवे पर भारी ट्रैफिक होने के कारण इस मार्ग का महत्व और बढ़ जाता है। नोएडा अथॉरिटी ने पुस्ता रोड के सुधार के लिए करीब 34.18 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। योजना में सड़क की री-सर्फेसिंग, क्रैश बैरियर लगाने, गैबियन संरचनाओं को मजबूत करने और पेंटिंग जैसे काम शामिल हैं।
बाढ़ से बचाव के साथ भविष्य की तैयारी
नोएडा में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच यमुना किनारे की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। तटबंध की मरम्मत और सड़क का सुधार एक साथ होने से बाढ़ सुरक्षा और यातायात दोनों मोर्चों पर फायदा मिलने की उम्मीद है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि मरम्मत का काम कितनी तेजी से पूरा होता है और आगामी बारिश के दौरान यह व्यवस्था यमुना के बढ़ते जलस्तर से आसपास के इलाकों को कितनी प्रभावी सुरक्षा दे पाती है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!