ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में सत्ता चला रहे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीट बंटवारे की चर्चाएं तेज हो गई हैं। चुनाव की घोषणा होते ही गठबंधन में बीजेपी और सहयोगी दलों के बीच सीटों के लिए बातचीत शुरू हो गई है। इस दौरान लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के नेता जीतनराम मांझी ने भी अपनी मांगें रखी हैं।
दिल्ली में हुई बैठक और सीटों की मांग
मंगलवार को दिल्ली में बीजेपी के नेता चिराग पासवान से मिलने गए और सीटों के ऑफर पर बातचीत हुई। चिराग ने 30 सीटों की मांग रखी है, जबकि जीतनराम मांझी ने 15 सीटों की मांग की है। हालांकि, 243 विधानसभा सीटों में यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों को कुल 45 सीटें मिलेंगी या नहीं।
बैठक में भाजपा की तरफ से केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मौजूद थे। उन्होंने गठबंधन के सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे की चर्चा और संभावित ऑफर का आकलन किया। इसके अलावा, भाजपा के पार्टी प्रभारी विनोद तावड़े और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के बीच भी सीटों के बंटवारे पर चर्चा जारी है।
बयानवीरों के जरिए मोलभाव
चिराग पासवान और जीतनराम मांझी के बयान इस बात का संकेत देते हैं कि सीट शेयरिंग की असली बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है। पहले बयानवीरों के जरिए दबाव बनाने की रणनीति अपनाई जा रही है ताकि जब पार्टी प्रमुखों के बीच बातचीत शुरू हो, तो मोलभाव के मसले दोनों पक्षों के संज्ञान में हों।
भाजपा ने भी 25 सितंबर को चुनाव प्रभारी के रूप में धर्मेंद्र प्रधान को नियुक्त किया और वे पिछले दो दिनों से अपनी सक्रियता बढ़ा चुके हैं। इसका मकसद सहयोगी दलों के साथ सीटों का संतुलन और समझदारी सुनिश्चित करना है।
चरणबद्ध नामांकन और अंतिम निर्णय
बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण का नामांकन 10 अक्टूबर से शुरू होने वाला है। इसके मद्देनजर भाजपा और जेडीयू ने सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे के कई राउंड की बैठकें तय की हैं। इन बैठकों में दोनों दल अपने-अपने हिस्से की सीटों के लिए बातचीत करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा और जेडीयू 100 से कम सीटें नहीं लड़ेंगे, जबकि जेडीयू की मांग है कि उन्हें भाजपा से कम से कम एक सीट अधिक मिले। चिराग पासवान और जीतनराम मांझी के लिए संभावित सीटें सीमित रह सकती हैं, लेकिन उनकी मांगों और दबाव के आधार पर अंतिम समझौता किया जाएगा।
प्रशांत किशोर के साथ गठबंधन की अटकलें
इस बीच, बिहार में चिराग पासवान और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के गठबंधन की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष ने इसे आधिकारिक तौर पर नहीं स्वीकार किया है। यह साफ है कि सीट बंटवारे और गठबंधन की असली चर्चा अभी केंद्रीय नेताओं और प्रमुख दलों के बीच होगी।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए NDA में सीट बंटवारे की चर्चाएं प्रारंभिक चरण में हैं। चिराग पासवान की 30 सीटों और मांझी की 15 सीटों की मांग के बीच, भाजपा और जेडीयू का संतुलन बनाने का काम जारी है। 10 अक्टूबर से नामांकन शुरू होने से पहले अंतिम समझौता होना जरूरी है। इससे यह स्पष्ट होगा कि NDA के भीतर सहयोगी दलों का मोलभाव और सीटों का वितरण किस दिशा में जाएगा।
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