ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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बिहार में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रविवार को राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि वह ऐसी सरकार का समर्थन कर रहे हैं जहां अपराध पूरी तरह बेलगाम हो चुका है। चिराग के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में चर्चा शुरू हो गई। विपक्ष ने उनके बयान को लेकर सवाल उठाए और उनसे सरकार में अपनी भूमिका स्पष्ट करने को कहा।
रोहिणी आचार्य ने साधा निशाना
चिराग पासवान के बयान के बाद रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया के जरिए उन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चिराग को राज्य सरकार की कार्यप्रणाली से इतनी परेशानी है तो वह इस्तीफा क्यों नहीं दे देते। रोहिणी आचार्य ने चिराग के बयान को लेकर तीखी टिप्पणी की और पूछा कि वह इस्तीफा देने के लिए किस मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं। यह उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया है।
सरकार में सहयोगी भी, सवाल भी
चिराग पासवान बिहार की राजनीति में एनडीए के सहयोगी दल के नेता हैं और केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं। ऐसे में उनका राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर खुलकर चिंता जताना राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ चिराग सरकार के साथ हैं, वहीं दूसरी तरफ वह अपराध को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं। इसी वजह से विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक और मुद्दा मिल गया है। बिहार में चुनावी माहौल भी धीरे-धीरे तेज हो रहा है। ऐसे में कानून-व्यवस्था और अपराध का मुद्दा राजनीतिक दलों के लिए अहम रहने वाला है।
बयान के बाद क्या होगा?
चिराग के बयान के बाद अब नजर इस बात पर है कि बिहार सरकार या एनडीए के दूसरे नेता इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। क्या चिराग अपने बयान पर आगे कोई स्पष्टीकरण देंगे या अपराध के मुद्दे पर सरकार से बातचीत करेंगे, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल इतना जरूर है कि बिहार में अपराध का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। चिराग के बयान और रोहिणी आचार्य की प्रतिक्रिया ने इस बहस को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक मंचों और चुनावी चर्चाओं में कितना आगे जाता है, यह देखने वाली बात होगी।
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