ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत काशी से वडनगर तक एक खास बाइक यात्रा निकाली जाएगी। इसमें करीब 500 युवा शामिल होंगे और यात्रा उत्तर प्रदेश के लगभग 50 जिलों से होकर गुजरेगी। यात्रा को युवाओं को सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित करने की बात कही गई है।
500 युवा और 20 बाइक टोलियां
इस यात्रा में करीब 500 युवाओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इन्हें लगभग 20 बाइक टोलियों में बांटा जाएगा। यात्रा काशी से शुरू होकर अलग-अलग जिलों से गुजरते हुए गुजरात के वडनगर पहुंचेगी। वडनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मस्थान है, जबकि वाराणसी उनकी लोकसभा सीट रही है। इसलिए काशी से वडनगर तक की यात्रा का एक खास प्रतीकात्मक महत्व भी बताया जा रहा है। यात्रा के दौरान युवाओं के अलग-अलग समूह रास्ते में कई जिलों से गुजरेंगे। इससे अभियान को केवल एक शहर तक सीमित रखने के बजाय कई इलाकों तक पहुंचाने की योजना दिखाई देती है।
17 सितंबर से अभियान की शुरुआत
17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। इसी दिन सेवा संकल्प अभियान शुरू करने की योजना है। अभियान करीब एक महीने तक चलने की बात कही गई है। आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक इसका फोकस सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर रहेगा। इसके अलावा युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश भी की जाएगी। हालांकि किसी भी राजनीतिक अभियान में संगठनात्मक और राजनीतिक संदेश भी महत्वपूर्ण होता है। रिपोर्ट के मुताबिक इस यात्रा का एक राजनीतिक संदेश भी है, लेकिन उसके प्रभाव का आकलन अलग-अलग नजरिए से किया जा सकता है।
काशी में जुटेंगे NDA के कई चेहरे
यात्रा की शुरुआत के मौके पर काशी में NDA से जुड़े कई बड़े नेताओं के मौजूद रहने की जानकारी सामने आई है। इनमें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, ओम प्रकाश राजभर, संजय निषाद और अनुप्रिया पटेल जैसे नाम शामिल हैं। इससे कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व भी बढ़ जाता है। हालांकि यात्रा में मुख्य रूप से युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया गया है।
7 अक्टूबर को वडनगर पहुंचने का लक्ष्य
योजना के मुताबिक करीब 500 युवा 20 बाइक टोलियों में यात्रा करते हुए 7 अक्टूबर को वडनगर पहुंचेंगे। यानी यह केवल एक दिन की यात्रा नहीं होगी, बल्कि कई दिनों तक चलने वाला अभियान होगा। उत्तर प्रदेश के करीब 50 जिलों से गुजरने के कारण रास्ते में स्थानीय स्तर पर भी कार्यक्रम होने की संभावना है।काशी से वडनगर तक की यह यात्रा सेवा और संगठन से जुड़े संदेश के साथ शुरू की जा रही है। आने वाले दिनों में इसके दौरान होने वाली गतिविधियों और इसमें युवाओं की भागीदारी पर नजर रहेगी।
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