ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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तृषा कृष्णन से जुड़ी कथित विवादित टिप्पणी के मामले में गिरफ्तारी और बाद में रिहाई के बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के नेता उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु सरकार और तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और किसानों के मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उदयनिधि स्टालिन ने साफ कहा कि यदि किसानों के अधिकारों की आवाज उठाने के लिए उन्हें 100 बार भी गिरफ्तार होना पड़े, तो वे इसके लिए तैयार हैं और पीछे हटने वाले नहीं हैं।
'किसानों के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश'
रिहाई के बाद पत्रकारों से बातचीत में उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने में असफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि असली मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने राज्य सरकार को 'सोफा मॉडल सरकार' बताते हुए कहा कि प्रशासन किसानों की परेशानियों को दूर करने में नाकाम रहा है और अब राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है।
'मेरे भाषण को काट-छांट कर पेश किया गया'
उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि उन्होंने अपने भाषण में केवल कावेरी नदी का पानी किसानों तक पहुंचाने की मांग की थी। उनके अनुसार, भाषण के कुछ हिस्सों को काटकर और संदर्भ से अलग दिखाकर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर द्विअर्थी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनका बयान पूरी तरह किसानों के हित से जुड़ा था और उसका किसी महिला का अपमान करने से कोई संबंध नहीं था।
'महिलाओं का अपमान करने का इरादा कभी नहीं रहा'
डीएमके नेता ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान रहा है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की हर महिला उनके लिए परिवार का हिस्सा है और उनका किसी का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक नेताओं ने पूरे भाषण का संदर्भ जाने बिना उनकी आलोचना की, जिससे गलतफहमियां और बढ़ीं।
'आतंकवादी जैसा व्यवहार किया गया'
उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के दौरान उनके साथ सामान्य राजनीतिक नेता जैसा नहीं, बल्कि आतंकवादी जैसा व्यवहार किया गया।उन्होंने दावा किया कि लगभग 3,000 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उन्हें चेन्नई से तंजावुर तक करीब 400 किलोमीटर सड़क मार्ग से ले जाया गया। उनके अनुसार, इस दौरान उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।
जमानत पर रिहा, कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
मंगलवार को गिरफ्तारी के बाद उदयनिधि स्टालिन को तंजावुर जिले के सेंगीपट्टी पुलिस थाने में पूछताछ के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद पुलिस स्टेशन के बाहर बड़ी संख्या में डीएमके कार्यकर्ता मौजूद रहे और उनका स्वागत किया।
तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी हलचल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद तमिलनाडु की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर सरकार और विपक्ष इस मामले को लेकर आमने-सामने हैं, वहीं उदयनिधि स्टालिन लगातार दावा कर रहे हैं कि उनका बयान किसानों के हितों से जुड़ा था और उसे गलत तरीके से पेश किया गया। आने वाले दिनों में यह मामला राज्य की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
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