ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
भारतीय क्रिकेट टीम के सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने अपनी रिटायरमेंट की खबरों पर बड़ा बयान दिया है। 34 साल के शमी ने साफ कर दिया है कि उनका क्रिकेट से मोहभंग नहीं हुआ है और जब तक उनके अंदर खेल के प्रति जुनून और प्रेरणा है, तब तक वह मैदान पर डटे रहेंगे। दरअसल हाल ही में उन्हें इंग्लैंड में होने वाली एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी और 9 सितंबर से शुरू हो रहे एशिया कप 2025 की टीम में जगह नहीं मिली, जिसके बाद यह अफवाहें तेज हो गई थीं कि वह क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं।
मोहम्मद शमी का तीखा जवाब
जिसके बाद शमी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में इन चर्चाओं पर तीखा जवाब देते हुए कहा, “अगर किसी को मुझसे दिक्कत है, तो सामने आकर कहे। मेरे रिटायर होने से किसकी जिंदगी आसान हो जाएगी? मैं किसी की जिंदगी में बोझ क्यों बनूं कि तुम्हें मुझसे रिटायरमेंट चाहिए? जिस दिन मुझे लगेगा कि अब मजा नहीं आ रहा, उस दिन मैं खुद मैदान छोड़ दूंगा। आप मुझे मत चुनो, मत खिलाओ, फर्क नहीं पड़ता। लेकिन मैं मेहनत करता रहूंगा।”
घरेलू क्रिकेट खेलने का भी इरादा
शमी ने यह भी साफ किया कि अगर उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका नहीं मिला, तो वह घरेलू क्रिकेट में खेलते रहेंगे। उन्होंने कहा, “रिटायरमेंट तब लिया जाता है, जब खिलाड़ी थक चुका हो या सुबह उठकर खेलने का मन न करे। लेकिन मेरे लिए अभी वो समय नहीं आया है। आप चाहें तो मैं सुबह 5 बजे उठकर भी तैयार हो जाऊंगा।"
उनका कहना है कि क्रिकेट उनका पैशन है और वह किसी भी स्तर पर खेलते रहेंगे। यही नहीं, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनका सबसे बड़ा सपना वनडे वर्ल्ड कप जीतना है। 2023 वर्ल्ड कप को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत बहुत करीब पहुंचा था लेकिन किस्मत साथ नहीं दे पाई। शमी ने कहा, “मेरा सपना अभी अधूरा है। मैं चाहता हूं कि 2027 वर्ल्ड कप में टीम का हिस्सा बनूं और देश के लिए ट्रॉफी जीतूं।”
फिटनेस पर जोर
आपको बता दें, हाल के दिनों में चोटों से जूझने के बावजूद शमी ने अपनी फिटनेस पर खासा ध्यान दिया है। उन्होंने पिछले दो महीनों में जमकर ट्रेनिंग की है। शमी ने बताया कि उन्होंने वजन कम किया, गेंदबाजी की लय वापस पाई और लंबे स्पेल डालने की तैयारी की। इसके साथ ही उन्होंने बल्लेबाजी और फील्डिंग पर भी काम किया। उनके मुताबिक, “मेरा फोकस फिटनेस और निरंतरता पर है। मैं खुद को हर दिन बेहतर बनाने की कोशिश करता हूं।”
क्रिकेट से अब भी प्यार
शमी ने साफ कहा कि क्रिकेट उनके लिए सिर्फ खेल नहीं बल्कि एक जुनून है। “जब तक मुझे क्रिकेट से प्यार है, मैं खेलता रहूंगा। जिस दिन यह जुनून खत्म होगा, मैं खुद को अलविदा कह दूंगा। तब तक मैं लड़ता रहूंगा और भारतीय क्रिकेट को अपना सब कुछ दूंगा।”
करियर और उपलब्धियां
बता दें, मोहम्मद शमी का अब तक का करियर शानदार रहा है। उन्होंने भारत के लिए 64 टेस्ट, 108 वनडे और 25 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। वह आखिरी बार 2025 की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी में खेले थे, जहां भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता था। उस टूर्नामेंट में शमी ने 5 मैचों में 9 विकेट लिए थे। हालांकि उनकी गेंदबाजी थोड़ी महंगी रही और उन्होंने प्रति ओवर 5.68 रन दिए।
बहरहाल, मोहम्मद शमी का यह बयान साफ दर्शाता है कि वह अभी रिटायरमेंट से काफी दूर हैं। उनका फोकस अब भी फिटनेस, मेहनत और टीम इंडिया की सफलता पर है। उनकी जिद और जुनून फैंस को उम्मीद देता है कि 2027 वर्ल्ड कप में शमी भारतीय टीम का अहम हिस्सा होंगे।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!