ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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भारत के स्टार एथलीट और ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। हालांकि इस बार ज्यूरिख के लेट्जिग्रुंड स्टेडियम में हुए डायमंड लीग फाइनल 2025 में वे गोल्ड से चूक गए और उन्हें लगातार तीसरे साल सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
नीरज का प्रदर्शन
फाइनल मुकाबले में नीरज ने शुरुआत अच्छी की। उनका पहला थ्रो 84.35 मीटर का रहा, लेकिन दूसरा प्रयास मात्र 82 मीटर का था। इसके बाद उन्होंने लगातार तीन फाउल किए, जिससे दबाव और बढ़ गया। आखिरी मौके पर नीरज ने शानदार वापसी करते हुए 85.01 मीटर का थ्रो किया और दूसरे स्थान पर रहे।
जर्मनी के जूलियन वेबर ने शानदार फॉर्म दिखाते हुए 91.51 मीटर का बेहतरीन थ्रो किया और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। वहीं, त्रिनिदाद एंड टोबैगो के केशोर्न वालकॉट ने 84.95 मीटर थ्रो के दम पर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
लगातार तीसरा सिल्वर
नीरज ने डायमंड लीग फाइनल में लगातार तीसरी बार सिल्वर मेडल जीता है। 2023 और 2024 में भी वह दूसरे नंबर पर रहे थे। खास बात यह है कि 2022 में इसी ज्यूरिख स्टेडियम में उन्होंने गोल्ड अपने नाम किया था। हालांकि इस बार वे खिताब नहीं जीत पाए, लेकिन उनका प्रदर्शन काबिले-तारीफ रहा।
नीरज की प्रतिक्रिया
मैच के बाद नीरज ने अपने प्रदर्शन पर कहा— "आज का दिन थोड़ा मुश्किल था। खेल में हमेशा कुछ कठिन दिन आते हैं और आज वैसा ही रहा। आखिरी थ्रो में मैंने 85 मीटर से ज्यादा दूरी पाई, लेकिन रन-अप और टाइमिंग सही नहीं थी। अब विश्व चैंपियनशिप के लिए तीन हफ्ते का समय है। इस दौरान मैं अपनी टाइमिंग और तकनीक पर काम करूंगा।”
सीजन का सफर
आपको बता दें, 2025 सीजन नीरज के लिए काफी रोमांचक रहा है। उन्होंने अब तक 7 प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, जिनमें से 4 बार गोल्ड और 3 बार सिल्वर जीते। मई में दोहा डायमंड लीग में नीरज ने पहली बार 90 मीटर से ज्यादा थ्रो किया और 90.23 मीटर की दूरी हासिल की। हालांकि, वहां भी वे जूलियन वेबर से हारकर दूसरे स्थान पर रहे। इसके बाद जून में पेरिस डायमंड लीग में उन्होंने 88.16 मीटर थ्रो कर गोल्ड जीता। उनका इस सीजन का बेस्ट थ्रो अब तक 90.23 मीटर रहा है, जो उनके करियर का भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
डायमंड लीग का महत्व
जानकारी के लिए बता दें, डायमंड लीग एथलेटिक्स का सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट माना जाता है। इसमें दुनिया भर के टॉप एथलीट हिस्सा लेते हैं। हर साल मई से सितंबर तक 13-14 प्रतियोगिताएं होती हैं और सीजन का समापन फाइनल से होता है। हर इवेंट में खिलाड़ियों को पॉइंट्स मिलते हैं और टॉप-10 एथलीट फाइनल में जगह बनाते हैं। विजेता को ट्रॉफी और आकर्षक कैश प्राइज दिया जाता है।
अगला लक्ष्य—विश्व चैंपियनशिप
अब नीरज चोपड़ा की निगाहें वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 पर टिकी हैं, जो 13 से 21 सितंबर तक टोक्यो में आयोजित होगी। इस प्रतियोगिता में नीरज अपने खिताब की रक्षा करने उतरेंगे। पिछले साल उन्होंने बुडापेस्ट में 88.17 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। इस बार भी देश को उनसे दमदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन की उम्मीद है।
बहरहाल, भले ही नीरज चोपड़ा डायमंड लीग फाइनल 2025 का खिताब नहीं जीत पाए, लेकिन उनका सिल्वर मेडल भी उनकी निरंतरता और मेहनत को दर्शाता है। उनका सफर बताता है कि भारत का यह गोल्डन बॉय हर बार नई ऊंचाइयां छूने के लिए तैयार रहता है। अब सबकी नजरें टोक्यो वर्ल्ड चैंपियनशिप पर होंगी, जहां नीरज अपने कौशल से फिर इतिहास रच सकते हैं।
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