ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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भारत के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए महज 18 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला अर्धशतक था, जिसे उन्होंने बेहद खास अंदाज में सेलिब्रेट किया। फिफ्टी पूरी करने के बाद वैभव ने अपने हाथों से 'A' का संकेत बनाया, जिसने एक बार फिर क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
क्या है 'A' सेलिब्रेशन का मतलब?
वैभव सूर्यवंशी का यह सेलिब्रेशन पहली बार आईपीएल 2026 के दौरान चर्चा में आया था। उस समय उन्होंने बताया था कि 'A' उनकी मां के नाम 'आरती' का पहला अक्षर है। वैभव ने कहा था कि यह जश्न उनकी मां को समर्पित है, जिन्होंने उनके क्रिकेट सफर में हर कदम पर उनका साथ दिया। जिम्बाब्वे के खिलाफ अर्धशतक लगाने के बाद भी उन्होंने उसी अंदाज में अपनी खुशी जाहिर की।
18 गेंदों में जड़ा पहला इंटरनेशनल अर्धशतक
इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती तीन टी20 मैचों में बड़ा स्कोर नहीं बना पाने के बाद वैभव को टीम से बाहर होना पड़ा था। हालांकि जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने दमदार वापसी की। उन्होंने केवल 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जिसमें 4 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद अगली ही गेंद पर वह रिचर्ड नगारवा का शिकार बन गए। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला अर्धशतक और चौथे मैच की सबसे यादगार पारी रही।
भारत ने 7 विकेट से जीता मुकाबला
126 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कप्तान अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल दिया। उनके आउट होने के बाद ईशान किशन ने 35 रन और श्रेयस अय्यर ने नाबाद 28 रन की पारी खेली। भारत ने लक्ष्य 14वें ओवर में ही हासिल करते हुए 7 विकेट से जीत दर्ज की।
गेंदबाजों ने भी किया शानदार प्रदर्शन
इससे पहले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। तेज गेंदबाज मयंक यादव ने मैच की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को आउट कर शानदार शुरुआत दिलाई। प्रिंस यादव ने भी दो विकेट झटके। जिम्बाब्वे की टीम एक समय 32 रन पर चार विकेट गंवा चुकी थी। निचले क्रम में वेस्ले (39), रयान बर्ल (26) और मरूमनि (27) की पारियों की बदौलत मेजबान टीम 125 रन तक पहुंच सकी। भारत की ओर से मयंक यादव और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट लिए, जबकि शिवम दुबे और रवि बिश्नोई को एक-एक सफलता मिली।
रिकॉर्ड और यादगार वापसी
महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे वैभव सूर्यवंशी ने इस पारी से साबित कर दिया कि उनमें बड़े मंच पर प्रदर्शन करने की क्षमता है। इंग्लैंड सीरीज के बाद मिली आलोचनाओं का जवाब उन्होंने अपने बल्ले से दिया और अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला अर्धशतक यादगार अंदाज में अपनी मां आरती को समर्पित कर दिया।
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