ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का आगाज आज यानी 24 दिसंबर, 2025 से हो गया है। इस बार पहले ही दिन बिहार और अरुणाचल प्रदेश के बीच रांची के जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मुकाबला खेला गया। इस मैच में बिहार के 14 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी जबरदस्त बल्लेबाजी से सभी को चौंका दिया।
महज 36 गेंदों में पहला शतक
बिहार की ओर से सलामी बल्लेबाजी करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। उन्होंने महज 36 गेंदों में शतक जड़कर टूर्नामेंट का धमाकेदार आगाज किया। इस पारी में उनके बल्ले से छक्कों और चौकों की झड़ी लगी। शतक के दौरान वैभव ने 10 चौके और 8 छक्के जड़े।
इसके बाद उन्होंने बिना रुके खेल जारी रखा और 84 गेंदों में ताबड़तोड़ 190 रन की पारी खेली, जिसमें 16 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और युवा बल्लेबाज की क्षमता को उजागर किया।
सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी का यह विजय हजारे ट्रॉफी में पहला शतक है। इसके साथ ही उन्होंने टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
वैभव ने पिछले साल ही विजय हजारे ट्रॉफी में केवल 13 साल की उम्र में डेब्यू किया था। तब से ही वह इस टूर्नामेंट में सबसे छोटे उम्र के खिलाड़ी के रूप में जाने जाने लगे थे। इस बार उन्होंने अपने बल्ले से इतिहास रचते हुए यह साबित कर दिया कि वह भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक चमकता सितारा हैं।
पिछले सीजन से बड़ा प्रदर्शन
इस सीजन में यह वैभव का सातवां मैच है। पिछली बार उन्होंने 6 मैच खेले थे और उन सभी में कुल 132 रन बनाए थे, जिसमें उनका बेस्ट स्कोर 71 रन रहा। लेकिन इस बार पहले ही मैच में उन्होंने पिछले पूरे सीजन से अधिक रन बना दिए। 190 रनों की पारी ने दर्शकों और क्रिकेट विशेषज्ञों को भी आश्चर्यचकित कर दिया।
वैभव सूर्यवंशी की इस पारी ने बिहार की टीम को एक शानदार शुरुआत दी है। उनकी बल्लेबाजी की ताबड़तोड़ शैली, तेज रन गति और आक्रामक शॉट्स ने मैच में रोमांच बढ़ा दिया।
भविष्य के लिए उम्मीदों की किरण
वैभव सूर्यवंशी का यह प्रदर्शन युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। मात्र 14 साल की उम्र में इस तरह का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन यह दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट में आने वाले समय में वैभव एक बड़ा नाम बनने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैभव इसी तरह खेलते रहे, तो आने वाले वर्षों में वह भारत के लिए बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।
इससे साफ है कि विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 वैभव सूर्यवंशी के नाम एक यादगार शुरुआत लेकर आया है। क्रिकेट प्रेमी अब इस युवा बल्लेबाज की पारी का बेसब्री से इंतजार करेंगे और उम्मीद है कि वह भविष्य में भी इसी तरह धमाका करते रहेंगे।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!