ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने FCRA और परिसीमन विधेयक को लेकर अपनी पार्टी का रुख साफ कर दिया है। उन्होंने दोनों मुद्दों पर सरकार का विरोध करने की बात कही और भारतीय जनता पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना है। अगर विपक्ष सवाल करता है तो सरकार को उसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार सवालों से क्यों भाग रही है?
FCRA को लेकर अखिलेश यादव ने क्या कहा?
FCRA यानी Foreign Contribution Regulation Act के संदर्भ में अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना था कि अगर विदेश से पैसा देश में अच्छे और जनहित के कामों के लिए आ रहा है तो इसमें परेशानी क्या है? उन्होंने आरोप लगाया कि FCRA के जरिए संस्थानों पर दबाव बनाया जा सकता है और लोगों को डराने की कोशिश की जा सकती है। अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी इस विधेयक का विरोध कर रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भारत से बड़ी मात्रा में पैसा लेकर विदेश जाने वाले लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई। उनके मुताबिक, सरकार को इस सवाल का भी जवाब देना चाहिए।
‘बीजेपी बहुत बड़ी भू-माफिया पार्टी’
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए उसे ‘बहुत बड़ी भू-माफिया पार्टी’ तक कह दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां खाली तालाब या जमीन दिखाई देती है, वहां कब्जे की कोशिश की जाती है। अखिलेश ने कहा कि संस्थानों पर कब्जा करने की कोशिश भी इसी तरह की राजनीति का हिस्सा है। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी के तौर पर सामने आए हैं और बीजेपी की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया इस बयान के संदर्भ में अलग से सामने आना बाकी है।
परिसीमन विधेयक का भी विरोध
अखिलेश यादव ने डिलिमिटेशन यानी परिसीमन को लेकर भी समाजवादी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पार्टी परिसीमन विधेयक का विरोध कर रही है। परिसीमन का सीधा संबंध चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं और भविष्य में सीटों के पुनर्गठन से है। ऐसे में यह मुद्दा राजनीतिक दलों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। विपक्ष लगातार इस बात को लेकर सवाल उठाता रहा है कि परिसीमन की प्रक्रिया का राजनीतिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
छात्रों पर दर्ज मुकदमों का मुद्दा उठाया
अखिलेश यादव ने छात्र आंदोलनों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज और इलाहाबाद में आज भी कई छात्रों पर मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने पहले यह भरोसा दिलाया था कि किसी छात्र पर मुकदमा नहीं होगा। इसके बावजूद अगर मुकदमे दर्ज हैं तो अब सवाल उठता है कि इसकी जवाबदेही किसकी होगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनकर विधानसभा और संसद में भेजती है। ऐसे में विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह सरकार से सवाल करे और जनता से जुड़े मुद्दे उठाए।
अयोध्या का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने अयोध्या का जिक्र करते हुए भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अयोध्या जैसी पवित्र और आस्था से जुड़ी धरती पर भी बड़े स्तर पर सवाल खड़े हुए हैं। कुल मिलाकर, अखिलेश यादव के बयान से साफ है कि FCRA, परिसीमन, छात्रों पर मुकदमे और जमीन से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़े राजनीतिक मुद्दे बन सकते हैं। समाजवादी पार्टी इन मुद्दों के जरिए सरकार को घेरने की तैयारी में दिखाई दे रही है।
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