ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित ब्राह्मण मंच के कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए विकास दुबे एनकाउंटर की ओर इशारा करते हुए कहा कि "याद होगा जब गाड़ी पलटी थी, वह गाड़ी नहीं पलटी थी, बल्कि सरकार पलटने से बच गई थी।" उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
'सैटेलाइट इमेज निकलेगी तो सच सामने आएगा'
अखिलेश यादव ने कहा कि समय आने पर जब 'सैटेलाइट इमेज' सामने आएगी, तब पता चलेगा कि गाड़ी कैसे पलटी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले समाजवादी पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जाता था, लेकिन अब ब्राह्मण समाज को भी निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अब पी के पीछे पड़ गए हैं, गोरखपुर में हाता नहीं, भाता है।"
ब्राह्मण समाज को जोड़ने की कोशिश
कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर समाजवादी विचारधारा को मजबूत किया और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का काम किया। उन्होंने सपा सांसद सनातन पांडेय और कार्यक्रम के आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि यह बड़ा आयोजन कई जिलों में हुए संपर्क अभियान का परिणाम है।
प्रशासन पर लगाया अनुमति नहीं देने का आरोप
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर कार्यक्रम होना था, वहां प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद कार्यक्रम दूसरे स्थान पर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक बाधाओं के बावजूद समाजवादी पार्टी का अभियान नहीं रुकेगा।
PDA की नई व्याख्या
अपने भाषण में अखिलेश यादव ने एक बार फिर PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 'पी' का मतलब केवल पंडित नहीं, बल्कि पीड़ित भी है। उन्होंने कहा, "जो लोग PDA से चुनाव हार गए हैं, वही इसकी अलग-अलग परिभाषाएं बना रहे हैं। जितनी पीड़ा दोगे, PDA उतना ही मजबूत होगा।"
सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था खुद इलाज की मोहताज हो गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि "आज स्वास्थ्य विभाग को ही इलाज की जरूरत है।" इसके अलावा उन्होंने सामाजिक व्यवस्था पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि समाज में आज भी कई तरह की असमानताएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि "हम कितनी भी डिग्री हासिल कर लें, लेकिन शंकराचार्य नहीं बन सकते।"
राजनीतिक माहौल गरमाया
लखनऊ में दिए गए इस भाषण के जरिए अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और PDA की राजनीति को लेकर सरकार पर कई सवाल उठाए। वहीं, विकास दुबे एनकाउंटर को लेकर दिए गए उनके बयान ने राजनीतिक बहस को फिर से तेज कर दिया है। आने वाले समय में इस बयान पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज होने की संभावना है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!