ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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लखनऊ के जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर यानी JPNIC को प्राइवेट सेक्टर को सौंपने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले पर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस फैसले को लेकर BJP सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार जनता की संपत्तियों को निजी हाथों में क्यों सौंप रही है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए तंज कसा। उन्होंने पूछा कि “क्या यह BJP सरकार है या कोई दुकानदार?” उनके इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में JPNIC को लेकर बहस और तेज हो गई है।
JPNIC के निजीकरण पर अखिलेश का हमला
उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में लखनऊ स्थित JPNIC को प्राइवेट सेक्टर को सौंपने का फैसला लिया गया। इसी फैसले को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों में निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि अब सिर्फ सरकार को ही लीज पर देना या बेच देना बाकी रह गया है। उन्होंने BJP पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ‘कमीशन’ भ्रष्ट BJP की मशीनरी का ईंधन है और ‘प्राइवेटाइजेशन’ उसका सुविधाजनक तरीका है। उनके इस बयान से साफ है कि समाजवादी पार्टी JPNIC के मुद्दे को राजनीतिक तौर पर जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।
योगी सरकार पर पहले भी साध चुके हैं निशाना
JPNIC विवाद से पहले भी अखिलेश यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोल चुके हैं। उन्होंने हाल ही में ‘PDA’ को लेकर मुख्यमंत्री के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री ‘PDA’ की तुलना पाकिस्तान से करते हैं, तो इसी तर्क से BJP का मतलब “भाग जाओ पाकिस्तान” हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि BJP और मुख्यमंत्री PDA से घबराए हुए हैं और इसी वजह से इसकी परिभाषा बार-बार बदलते रहते हैं। अखिलेश ने मुख्यमंत्री पर तंज करते हुए यह भी कहा कि फिलहाल वह बच्चों के साथ सेल्फी लेने और उन्हें गोद में उठाने में व्यस्त हैं। उनके मुताबिक, चुनाव के बाद मुख्यमंत्री के पास इन गतिविधियों के लिए काफी समय होगा।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी BJP पर हमला
अखिलेश यादव ने BJP सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी दिव्यांगों के लिए अलग घोषणापत्र तैयार करेगी। अखिलेश के मुताबिक, पार्टी समाज के अलग-अलग वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर अपनी नीतियां तैयार करेगी।
SP सांसदों को लेकर भी BJP पर निशाना
अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के सांसदों को लेकर BJP पर एक और आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि BJP समाजवादी पार्टी की संसदीय पार्टी में फूट डालने में सफल नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि पार्टी के पांच सांसद उनके अपने परिवार से हैं और BJP की कोशिशें इसलिए नाकाम हुईं क्योंकि समाजवादी पार्टी में मुस्लिम सांसदों के साथ-साथ मजबूत समाजवादी विचारधारा वाले सांसद भी मौजूद हैं।
JPNIC का मुद्दा अब केवल एक सरकारी संपत्ति के प्रबंधन तक सीमित नहीं रह गया है। अखिलेश यादव के बयान के बाद यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में BJP और समाजवादी पार्टी के बीच टकराव का एक और मुद्दा बनता दिख रहा है। चुनावी माहौल के बीच इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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