ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
उत्तर प्रदेश में गोरखपुर को लेकर समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी सांसद रवि किशन ने गोरखपुर को स्मार्ट और हाईटेक शहर बताया था। इसके बाद अखिलेश यादव ने उनके बयान पर सवाल उठाया। अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक वीडियो दिखाया जिसमें गोरखपुर की कुछ सड़कों पर जलभराव नजर आ रहा था। उन्होंने इसी वीडियो के जरिए शहर में विकास और जलभराव की स्थिति पर तंज किया।
सैफई का उदाहरण
अखिलेश यादव ने अपने बयान में सैफई का उदाहरण देते हुए कहा कि दूसरे स्थानों से प्रेरणा ली जानी चाहिए। उन्होंने गोरखपुर के विकास को लेकर राज्य सरकार पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि अगर अपने शहर और गांव की व्यवस्था ठीक नहीं की जा सकती तो पूरे प्रदेश के विकास को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। यह अखिलेश यादव की राजनीतिक टिप्पणी है।
स्मार्ट सिटी और जमीन पर हालात
गोरखपुर को हाईटेक शहर बताने और जलभराव का वीडियो दिखाने के बाद बहस सिर्फ दो नेताओं के बयानों तक सीमित नहीं रही। यह सवाल भी सामने आया कि किसी शहर के विकास को सिर्फ नई परियोजनाओं से मापा जाए या सड़क, जल निकासी और रोजमर्रा की सुविधाओं को भी उतना ही महत्व दिया जाए। शहरों में बारिश के दौरान जलभराव लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। ऐसे में जल निकासी व्यवस्था और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं।
चुनाव से पहले बयानबाजी तेज
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में यहां के विकास से जुड़ा कोई भी मुद्दा राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन सकता है। फिलहाल रवि किशन के बयान और अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया ने गोरखपुर के विकास और जलभराव को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।
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