ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में छात्र आंदोलन के बाद पुलिस की कार्रवाई अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार के आश्वासन के बावजूद छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने छात्रों की तत्काल रिहाई, जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्यायालय से मामले का स्वत: संज्ञान लेने की मांग की है।
अखिलेश यादव ने X पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि प्रयागराज में प्रदर्शन से जुड़े कई छात्रों को उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष टीम बिना नंबर वाली गाड़ियों में उठाकर ले गई। उन्होंने सवाल किया कि जब केंद्र सरकार ने यह आश्वासन दिया था कि किसी भी छात्र के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तो फिर ऐसी कार्रवाई किसके निर्देश पर की जा रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या उत्तर प्रदेश पुलिस प्रधानमंत्री के आश्वासन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
छात्रों की रिहाई और कार्रवाई की मांग
सपा प्रमुख ने मांग की कि जिन छात्रों को हिरासत में लिया गया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। साथ ही, इस कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने न्यायालय से भी इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
छात्र आंदोलन के दौरान हुई थी तोड़फोड़
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के समर्थन में प्रयागराज में भी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सिविल लाइंस क्षेत्र में बड़ी संख्या में छात्र और युवा एकत्र हुए। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा एक कार में तोड़फोड़ किए जाने की घटना सामने आई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ। इससे पहले भी छात्र पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
तोड़फोड़ और उपद्रव की घटनाओं के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की। इसी कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने पहले दावा किया था कि छात्र आंदोलन में शामिल युवाओं पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, जबकि अब पुलिस की कार्रवाई उस दावे के विपरीत दिखाई दे रही है।
मामला बना राजनीतिक मुद्दा
छात्र आंदोलन और उसके बाद की पुलिस कार्रवाई अब उत्तर प्रदेश की राजनीति का अहम मुद्दा बनती जा रही है। एक ओर विपक्ष सरकार पर वादा तोड़ने का आरोप लगा रहा है, वहीं प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रहा है।
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