ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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माफिया अतीक अहमद के बेटे मोहम्मद उमर एक बार फिर विवादों में हैं। छोटे भाई आबान के जनाजे में शामिल होने प्रयागराज जा रहे उमर के काफिले की कई गाड़ियों पर टोल टैक्स नहीं देने और टोल प्लाजा के बैरियर को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे हैं। मामले में नवाबगंज टोल प्लाजा के असिस्टेंट मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पैरोल पर प्रयागराज लाया जा रहा था उमर
दरअसल, 8 अगस्त को लखनऊ जेल में बंद मोहम्मद उमर को उसके छोटे भाई आबान के जनाजे में शामिल होने के लिए पैरोल मिली थी। पुलिस अभिरक्षा में उसे प्रयागराज लाया जा रहा था। इसी दौरान उसके साथ कई अन्य वाहन भी काफिले में शामिल हो गए। जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 3:50 बजे काफिला एनएच-19 पर स्थित नवाबगंज टोल प्लाजा पहुंचा। टोल बूथ नंबर तीन पर कंप्यूटर ऑपरेटर अजीत और हेल्पर अंशुमन शुक्ला ड्यूटी पर मौजूद थे।
आरोप- 25 से 30 गाड़ियां बिना टोल दिए निकलीं
टोल प्लाजा की शिकायत के मुताबिक, उमर जिस सरकारी वाहन में जा रहा था, उसके पीछे कई अन्य गाड़ियां भी पहुंचीं। आरोप है कि कुछ वाहनों ने टोल टैक्स का भुगतान किए बिना तेज रफ्तार में बैरियर पार किया। शिकायत में सफेद महिंद्रा XUV UP 32 NJ 1458 और काले रंग की क्रेटा UP 70 HP 8416 समेत करीब 25 से 30 अन्य वाहनों का जिक्र किया गया है। आरोप है कि इन वाहनों ने टोल बूथ के बूम बैरियर को नुकसान पहुंचाते हुए बिना भुगतान किए वहां से निकलने की कोशिश की।
टोल कर्मियों से अभद्रता और धमकी का आरोप
टोल प्लाजा प्रबंधन की शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कर्मचारियों ने जब वाहनों को रोकने की कोशिश की तो कथित तौर पर कुछ लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और धमकी दी। शिकायत के अनुसार, कुछ समर्थकों ने टोल कर्मचारियों को वाहनों से कुचलने की कोशिश भी की। कर्मचारियों ने पीछे हटकर अपनी जान बचाई। टोल प्लाजा प्रबंधन का कहना है कि घटना में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने के साथ राजस्व का भी नुकसान हुआ।हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
असिस्टेंट मैनेजर की शिकायत पर FIR
नवाबगंज टोल प्लाजा के असिस्टेंट मैनेजर जयप्रकाश यादव ने पूरे मामले की शिकायत नवाबगंज थाने में दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। एफआईआर में उन वाहनों के नंबर भी दर्ज किए गए हैं, जिनके बारे में आरोप है कि उन्होंने टोल टैक्स का भुगतान नहीं किया। अब पुलिस इन वाहन नंबरों के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान करने और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करने में जुटी है।
पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई
मोहम्मद उमर को पैरोल के दौरान पुलिस अभिरक्षा में प्रयागराज लाया जा रहा था। इसी दौरान उसके साथ चल रहे वाहनों को लेकर यह विवाद सामने आया है। पुलिस अब एफआईआर में दर्ज वाहन नंबरों और टोल प्लाजा पर मौजूद रिकॉर्ड के आधार पर मामले की जांच कर रही है। फिलहाल यह मामला आरोपों और एफआईआर पर आधारित है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि टोल प्लाजा पर वास्तव में क्या हुआ और किन लोगों की इस घटना में भूमिका थी।
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