ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर में राम मंदिर के उद्घाटन और भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म से बड़ा कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या विश्व के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र बन चुकी है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि कभी ऐसा समय था जब “जय श्री राम” बोलने पर लोगों पर लाठियां बरसाई जाती थीं, लेकिन आज यही नारा देश में ऊर्जा और एकता का प्रतीक बन गया है।
अयोध्या के साथ हुआ अन्याय
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि अतीत में कुछ लोगों ने अयोध्या के साथ षड्यंत्र किया था और इस पवित्र नगरी को जानबूझकर उपेक्षित रखा गया था। उनके अनुसार पूर्ववर्ती सरकारों के समय अयोध्या में बिजली, पानी और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी रहती थी। उन्होंने कहा कि पहले अयोध्या का नाम सुनकर यह महसूस होता था कि यहां कभी युद्ध नहीं हुआ होगा, लेकिन कट्टर सोच रखने वाले कुछ लोगों ने इस पवित्र भूमि को संघर्ष का मैदान बना दिया था।
पीएम मोदी की अयोध्या यात्रा का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या आए और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई, तब अयोध्या से सदियों पुराना “गुलामी का कलंक” मिट गया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि हाल ही में प्रधानमंत्री ने अयोध्या आकर राम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज भी फहराया, जो पूरे देश के लिए गर्व का क्षण था। योगी आदित्यनाथ के अनुसार सनातन धर्म का महत्व सर्वोपरि है और इसके आगे किसी भी विचारधारा या सत्ता की कोई तुलना नहीं हो सकती।
“बजरंगबली की कृपा, आतंक का प्रवेश असंभव”
योगी आदित्यनाथ ने भगवान हनुमान का उल्लेख करते हुए कहा कि जब स्वयं बजरंगबली किसी स्थान की रक्षा करते हैं, तो वहां कोई भूत, पिशाच या आतंकी प्रवेश नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि अयोध्या अब शांति, सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि 1528 से 1992 के बीच हर बीस वर्ष में राम भक्तों ने लगातार संघर्ष किया और गोलियों तथा लाठियों की परवाह किए बिना अपने आराध्य के सम्मान के लिए डटे रहे।
“सरकार की सबसे बड़ी योजनाएं भी राम के नाम”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 2017 से पहले अयोध्या उपेक्षा का शिकार थी, लेकिन आज यहां तेजी से विकास हो रहा है और पूरे देश और दुनिया से लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं। उनके अनुसार अयोध्या आने वाला कोई भी श्रद्धालु खाली हाथ नहीं लौटता और भगवान रामलला के दर्शन से उसे मानसिक शांति और संतोष प्राप्त होता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाएं भगवान राम के नाम से जुड़ी हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि सनातन परंपरा भारतीय जीवन का अभिन्न हिस्सा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी किया संबोधन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के लिए चला आंदोलन विश्व का सबसे बड़ा आंदोलन रहा है। उनके अनुसार यह केवल धार्मिक आंदोलन नहीं था, बल्कि सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय स्वाभिमान और जनभावनाओं का सशक्त प्रतीक था। इस अवसर पर अयोध्या में उत्साह और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि राम मंदिर केवल एक इमारत नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं का केंद्र है।
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