ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र आंदोलन से चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब अपने अगले राजनीतिक और सामाजिक कदम की तैयारी में जुट गई है। संगठन के संस्थापक अभिजीत डिपके ने संकेत दिए हैं कि आंदोलन अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक चले आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को CJP ने अपनी पहली बड़ी उपलब्धि बताया। इसी के साथ संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। अभिजीत डिपके ने अपने समर्थकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में कई अन्य जनसरोकारों के मुद्दों पर भी आवाज उठाई जाएगी।
अब संगठन की नजर उत्तर प्रदेश पर है। राजनीतिक दृष्टि से देश के सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में शामिल उत्तर प्रदेश में युवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और बेरोजगारी से जुड़े मुद्दों को लेकर व्यापक संवाद शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि संगठन विभिन्न जिलों में स्थानीय स्वयंसेवकों का नेटवर्क तैयार करेगा और जनसंपर्क अभियान चलाएगा।
अभिजीत डिपके ने यह भी कहा कि भविष्य की रणनीति का विस्तृत खाका जल्द सार्वजनिक किया जाएगा। उनके अनुसार, संगठन शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रहेगा। उन्होंने पंजाब में सामने आए कथित पेपर लीक विवाद का भी उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन इस मामले पर भी अपनी रणनीति तैयार कर रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि हाल के छात्र आंदोलन ने युवाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई दिशा दी है। सोशल मीडिया के माध्यम से शुरू हुआ यह अभियान अब जमीनी स्तर पर विस्तार की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले महीनों में CJP खुद को केवल एक जनआंदोलन के रूप में रखती है या फिर संगठित राजनीतिक मंच के रूप में आगे बढ़ने का प्रयास करती है।
उत्तर प्रदेश में संगठन के विस्तार की चर्चा ऐसे समय हो रही है जब राज्य में युवाओं से जुड़े मुद्दे लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बने हुए हैं। प्रतियोगी परीक्षाएं, भर्ती प्रक्रियाएं, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर विभिन्न संगठनों की सक्रियता भी बढ़ी है। ऐसे में CJP की रणनीति राजनीतिक दलों और अन्य छात्र संगठनों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फिलहाल संगठन ने किसी बड़े कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन अभिजीत डिपके के हालिया बयान से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में संगठन अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि CJP अपने अगले अभियान की शुरुआत किस मुद्दे से करती है और उसे युवाओं का कितना समर्थन मिलता है।
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