ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने आखिरकार अपने अगले कदम को लेकर तस्वीर साफ कर दी है। IAS की नौकरी से इस्तीफा देने के बाद उनके राजनीति में आने की चर्चा लगातार चल रही थी। अब उन्होंने खुद बताया है कि वह आगे राजनीति में काम करना चाहती हैं। हालांकि, अभी उन्होंने किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने का ऐलान नहीं किया है। दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि वह उत्तर प्रदेश में ही रहेंगी और राजनीति के जरिए लोगों के बीच काम करेंगी। उन्होंने अपने फैसले को लोगों की आवाज बनने से जोड़ा। उनका कहना है कि समाज में ऐसे कई लोग हैं जिनकी बात सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पाती और अगर पहुंचती भी है तो कई बार उसे गंभीरता से नहीं सुना जाता।
इस्तीफे के बाद से चल रही थीं अटकलें
दिव्या मित्तल ने पिछले महीने IAS की नौकरी से इस्तीफा दिया था। इससे पहले वह संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। देवरिया से हटाए जाने के बाद उन्हें राजस्व परिषद में सचिव बनाया गया था। इसके कुछ समय बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद से ही सबसे बड़ा सवाल यही था कि उनका अगला कदम क्या होगा। अब उन्होंने इस सवाल का जवाब दे दिया है। हालांकि पार्टी को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में उनके राजनीतिक सफर को लेकर और भी चर्चा हो सकती है।
राहुल गांधी से मुलाकात की चर्चा पर भी जवाब
दिव्या मित्तल ने अपने वीडियो में उन चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें उनके इस्तीफे को राहुल गांधी से कथित मुलाकात से जोड़कर देखा जा रहा था। उन्होंने कहा कि ऐसी मुलाकात नहीं हुई थी और उनके बारे में इस तरह की बातें उन्हें डराने की कोशिश का हिस्सा थीं। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में सवाल पूछने वालों को डरना नहीं चाहिए। उनके मुताबिक, अगर कोई महिला सवाल पूछने के लिए आगे आती है तो उसे डर दिखाने के बजाय अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। यहां यह साफ करना जरूरी है कि दिव्या मित्तल ने अभी किसी पार्टी का नाम नहीं लिया है। इसलिए उन्हें किसी खास राजनीतिक दल से जोड़कर देखना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
यूपी की राजनीति में क्या बदलेगा?
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ किसी पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का राजनीति में आना चर्चा का विषय बनना स्वाभाविक है। प्रशासन में काम करने का अनुभव रखने वाले अधिकारियों के राजनीति में आने पर अक्सर उनके अनुभव और काम करने के तरीके को लेकर सवाल उठते हैं।दिव्या मित्तल का कहना है कि वह लोगों के बीच रहकर काम करना चाहती हैं। अब यह देखना होगा कि वह किसी पार्टी के साथ जाती हैं या अपनी अलग राजनीतिक राह चुनती हैं। फिलहाल इतना तय है कि IAS की नौकरी छोड़ने के बाद दिव्या मित्तल ने राजनीति को अपना अगला रास्ता चुना है। उनकी पार्टी, चुनावी भूमिका और आगे की रणनीति को लेकर तस्वीर आने वाले समय में और साफ हो सकती है।
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