ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश में MLC चुनाव से पहले गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। BJP के वरिष्ठ नेता डॉ. संजयन त्रिपाठी ने पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। वह BJP के घोषित उम्मीदवार ध्रुव कुमार त्रिपाठी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने की बात कह चुके हैं।
टिकट नहीं मिलने से नाराज
संजयन त्रिपाठी का कहना है कि वह इस सीट से चुनाव लड़ने के लिए सबसे मजबूत दावेदार थे। उनके मुताबिक पार्टी ने उन्हें टिकट देने के बजाय ध्रुव कुमार त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया। टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने खुलकर नाराजगी जताई और अब निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इससे गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
पार्टी पर लगाए आरोप
संजयन त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि पार्टी स्थानीय स्तर पर लंबे समय से काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रही है। उनका कहना है कि बाहर से उम्मीदवार लाकर पार्टी उन्हें चुनाव मैदान में उतार रही है, जबकि जमीन पर काम करने वाले लोगों को पर्याप्त महत्व नहीं मिल रहा। यह उनके व्यक्तिगत आरोप हैं। पार्टी की तरफ से इस पूरे मामले पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, यह अलग विषय है।
पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं
संजयन त्रिपाठी ने दावा किया कि वह लंबे समय से पार्टी के साथ काम करते रहे हैं और संगठन के कई अभियानों में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पहले दो बार स्नातक MLC चुनाव लड़ चुके हैं और दोनों बार उन्हें बहुत कम अंतर से हार मिली। उनका कहना है कि इन चुनावों के दौरान उन्होंने क्षेत्र में अपना राजनीतिक और सामाजिक संपर्क मजबूत किया है। उनके अनुसार कई शिक्षक और समर्थक उनके साथ हैं।
BJP के लिए स्थानीय स्तर की चुनौती
किसी पार्टी के घोषित उम्मीदवार के सामने उसी पार्टी से जुड़े किसी वरिष्ठ नेता का निर्दलीय उतरना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन जाता है। इससे समर्थकों के बीच भी अलग-अलग राय बन सकती है। संजयन त्रिपाठी ने दावा किया है कि पार्टी के अंदर उनके अलावा भी कुछ लोग नाराज हैं और आने वाले समय में और बगावत हो सकती है। हालांकि इस दावे की पुष्टि अलग से नहीं हुई है।
2027 से पहले MLC चुनाव
उत्तर प्रदेश की राजनीति में MLC चुनाव को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि अगले विधानसभा चुनाव में ज्यादा समय नहीं है। राजनीतिक दल संगठन और कार्यकर्ताओं के स्तर पर अपनी तैयारियां बढ़ा रहे हैं। गोरखपुर जैसे इलाके में किसी वरिष्ठ नेता का निर्दलीय चुनाव लड़ना स्थानीय समीकरण पर असर डाल सकता है। हालांकि चुनाव का वास्तविक असर नतीजे आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबले की तस्वीर बदल गई है। BJP ने ध्रुव कुमार त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता संजयन त्रिपाठी ने निर्दलीय मैदान में उतरने का फैसला किया है। अब चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पक्षों के बीच मुकाबला और बयानबाजी पर नजर रहेगी।
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