ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। यूनिवर्सिटी की इमारतों को लेकर जारी नोटिस के बीच समाजवादी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को रामपुर पहुंचा, जहां उसने यूनिवर्सिटी प्रबंधन, छात्रों और स्थानीय प्रशासन से मुलाकात का कार्यक्रम बनाया। इसी बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा और इसे शिक्षा से जुड़े मुद्दे के रूप में पेश किया।
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि दिल्ली में परीक्षा को लेकर आंदोलन चल रहा है, जबकि रामपुर में शिक्षा को बचाने की लड़ाई लड़ी जा रही है।उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को बचाना यहां पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। इसी सोच के साथ समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा है और छात्रों की मांगों का समर्थन कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
15 जुलाई को रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर यूनिवर्सिटी प्रबंधन को नोटिस जारी किया था। नोटिस में दावा किया गया कि यूनिवर्सिटी परिसर की 40 इमारतों में से 38 भवन आवश्यक नक्शा स्वीकृति और अनुमति के बिना बनाए गए हैं। प्राधिकरण ने प्रबंधन से कहा कि या तो वह स्वयं इन निर्माणों को हटाए या फिर प्रशासन कार्रवाई करेगा।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन का दावा
जौहर यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने विकास प्राधिकरण के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि परिसर में बने सभी भवन नियमों के अनुसार निर्मित हैं और उनके नक्शे जिला पंचायत से स्वीकृत हैं। प्रबंधन ने यह भी कहा है कि नोटिस के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
सपा ने सरकार पर लगाए आरोप
समाजवादी पार्टी का आरोप है कि राज्य सरकार राजनीतिक कारणों से यूनिवर्सिटी को निशाना बना रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि शिक्षा संस्थानों को बचाया जाना चाहिए, न कि उन्हें विवादों में घसीटा जाना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी के विधायक, सांसद और अन्य नेता लगातार अभियान चला रहे हैं।
रामपुर में जारी है प्रदर्शन
यूनिवर्सिटी के बाहर छात्र-छात्राएं और स्थानीय समर्थक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और सपा नेता भी मौके पर पहुंचे हैं। पार्टी का प्रतिनिधिमंडल छात्रों और यूनिवर्सिटी प्रबंधन से बातचीत करने के साथ-साथ प्रशासन के सामने भी अपना पक्ष रखेगा।
28 जुलाई को होगी अहम सुनवाई
यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने विकास प्राधिकरण की कार्रवाई को चुनौती देते हुए मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट में अपील दायर की है। इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को निर्धारित है। अब सभी की नजर अदालत की कार्यवाही पर है। यदि अदालत प्रबंधन के पक्ष में फैसला देती है तो कार्रवाई पर असर पड़ सकता है, जबकि विपरीत स्थिति में विकास प्राधिकरण की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है। फिलहाल जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां अलग-अलग पक्ष अपने-अपने दावे और तर्क पेश कर रहे हैं।
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