ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
उत्तर प्रदेश के महोबा में भारतीय जनता पार्टी की तिरंगा यात्रा के दौरान अव्यवस्था का मामला सामने आया है। देशभक्ति और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में कई स्कूलों के बच्चों को शामिल किया गया था। लेकिन यात्रा शुरू होने में करीब पांच घंटे की देरी हो गई। तेज गर्मी, उमस और पानी की कमी से परेशान बच्चों ने आखिरकार स्कूल परिसर में ही हंगामा शुरू कर दिया।
सुबह 7 बजे बुलाए गए थे स्कूली बच्चे
जानकारी के मुताबिक, महोबा मुख्यालय स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में तिरंगा यात्रा के लिए कई स्कूलों के बच्चों को सुबह करीब 7 बजे बुलाया गया था। बच्चों को उम्मीद थी कि तय समय के आसपास यात्रा शुरू हो जाएगी। हालांकि, समय गुजरता गया और यात्रा शुरू नहीं हुई। गर्मी बढ़ने के साथ बच्चों की परेशानी भी बढ़ती गई। बताया गया कि लंबे इंतजार के दौरान पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। करीब पांच घंटे तक इंतजार करने के बाद बच्चों का सब्र जवाब दे गया।
गर्मी और प्यास से परेशान हुए बच्चे
महोबा में इन दिनों गर्मी और उमस के बीच खुले में या भीड़ वाले स्थान पर लंबे समय तक इंतजार करना बच्चों के लिए मुश्किल साबित हुआ। पसीने और प्यास से परेशान कई बच्चों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। बच्चों ने स्कूल परिसर में ही हंगामा शुरू कर दिया। उनका सवाल था कि जब कार्यक्रम सुबह आयोजित किया गया था तो यात्रा शुरू होने में इतनी देरी क्यों हुई और उनके लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
दोपहर 12 बजे पहुंचे मंत्री मन्नू कोरी
करीब पांच घंटे के इंतजार के बाद दोपहर लगभग 12 बजे उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री मन्नू कोरी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाई गई। इसके बाद यात्रा सरस्वती विद्या मंदिर से शुरू होकर उदल चौक और मुख्य बाजार से होते हुए वापस विद्यालय पहुंची। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश के महान नायकों को श्रद्धांजलि देना बताया गया।
मंत्री ने देरी पर क्या कहा?
बच्चों को हुई परेशानी और यात्रा में देरी को लेकर जब मीडिया ने मंत्री मन्नू कोरी से सवाल किया तो उन्होंने इसे लापरवाही के तौर पर स्वीकार नहीं किया। मंत्री ने सफाई देते हुए कहा कि दूसरे स्कूलों के बच्चों का इंतजार किया जा रहा था, ताकि सभी बच्चे यात्रा में शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य स्वतंत्रता सेनानियों और महान नायकों को श्रद्धांजलि देना है। हालांकि, मंत्री की इस सफाई के बाद भी बच्चों को कई घंटे तक गर्मी और पानी की कमी के बीच इंतजार कराने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बुंदेलखंड राज्य की मांग पर भी सवाल
कार्यक्रम के दौरान मंत्री से बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर पर ही लिया जाएगा।
बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
महोबा की यह घटना राजनीतिक कार्यक्रमों में स्कूली बच्चों की भागीदारी और उनकी सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में बच्चों को बुलाने से पहले पीने का पानी, बैठने की जगह, छाया और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी इंतजाम होना बेहद जरूरी है। तिरंगा यात्रा जैसे देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम का उद्देश्य निश्चित तौर पर सम्मान और जागरूकता बढ़ाना है, लेकिन इसके साथ बच्चों की सुरक्षा और सुविधा की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। महोबा की घटना ने इसी जिम्मेदारी और कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!