ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को बसपा का नया नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया है। यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है जब पार्टी में पिछले कुछ दिनों से संगठन को लेकर लगातार बदलाव हो रहे हैं। ईशान आनंद से पहले यह जिम्मेदारी उनके बड़े भाई आकाश आनंद के पास थी। आकाश को हाल ही में पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया था। लखनऊ में हुई पार्टी की अहम बैठक में मायावती ने ईशान आनंद की नई जिम्मेदारी का ऐलान किया। बैठक में ईशान अपने पिता और बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार के साथ मौजूद थे। ईशान ने पार्टी प्रमुख के फैसले के बाद उनका आभार जताया और कहा कि वह मायावती के बताए रास्ते पर काम करेंगे।
आकाश आनंद के बाद ईशान को जिम्मेदारी
ईशान को जिम्मेदारी दिए जाने को समझने के लिए पिछले कुछ हफ्तों में बसपा के अंदर हुए बदलावों पर नजर डालना जरूरी है। सितंबर की शुरुआत में मायावती ने आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी से हटाकर सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर काम करने की बात कही थी। इसके बाद 10 सितंबर को उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से भी हटा दिया गया। इसके बाद मायावती ने परिवार के सदस्यों को संगठन में जिम्मेदारी देने को लेकर भी अपनी बात रखी थी। लेकिन कुछ दिनों बाद ईशान को फिर से संगठन में सक्रिय भूमिका देने का संकेत मिला और अब उन्हें औपचारिक तौर पर नेशनल कोऑर्डिनेटर बना दिया गया है।
मायावती ने परिवारवाद पर भी कही बात
ईशान आनंद की नियुक्ति के साथ मायावती ने परिवारवाद को लेकर पार्टी की पुरानी लाइन को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि बसपा में परिवारवाद को बढ़ावा देने की सोच नहीं है। उनके मुताबिक परिवार का कोई सदस्य संगठन में काम कर सकता है, लेकिन व्यक्तिगत लाभ के लिए पद का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कांशीराम की विचारधारा का भी जिक्र किया और कहा कि बहुजन समाज ही पार्टी के लिए सबसे बड़ा परिवार है। यानी एक तरफ ईशान को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, तो दूसरी तरफ मायावती ने यह भी साफ करने की कोशिश की है कि पार्टी में किसी भी पद को परिवार के निजी लाभ से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
2027 से पहले संगठन पर फोकस
उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन सभी प्रमुख दलों में संगठन को मजबूत करने की तैयारियां चल रही हैं। बसपा भी अपने संगठन और राजनीतिक आधार को लेकर लगातार बदलाव कर रही है। ईशान आनंद की नियुक्ति इसी प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है। ईशान ने कानून की पढ़ाई की है और एलएलएम पूरा किया है। पार्टी के मंच पर उनकी सार्वजनिक मौजूदगी पिछले कुछ समय से बढ़ी है। जनवरी 2025 में मायावती के जन्मदिन के कार्यक्रम के दौरान भी वह मंच पर दिखाई दिए थे।
अब आगे क्या होगा?
ईशान आनंद के सामने अब बड़ी जिम्मेदारी पार्टी संगठन को संभालने और उसे आगे बढ़ाने की होगी। खासकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बसपा के लिए बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखना एक अहम काम होगा। फिलहाल इतना साफ है कि मायावती ने संगठन में एक और बड़ा बदलाव किया है। आकाश आनंद के बाद अब ईशान आनंद को महत्वपूर्ण भूमिका मिलना बसपा की अंदरूनी राजनीति और आने वाले चुनाव की तैयारियों के लिहाज से चर्चा में है। आने वाले दिनों में ईशान को कौन-कौन सी जिम्मेदारियां दी जाती हैं और पार्टी उन्हें किस तरह मैदान में उतारती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
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