ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए NEET-UG परीक्षा और पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आए मोहम्मद जुनैद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलना है। मुलाकात के बाद जुनैद ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अखिलेश यादव के साथ एक वीडियो साझा किया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो के साथ लिखा गया उनका भावुक संदेश भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।
अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद शेयर किया भावुक संदेश
मोहम्मद जुनैद ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि उनकी मुलाकात ऐसे नेता से हुई है, जिनकी सोच में जनता और दिल में देश बसता है। उन्होंने लिखा कि यह मुलाकात भले ही कुछ पलों की रही, लेकिन उनके लिए बेहद यादगार बन गई। पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने जुनैद की तारीफ की, जबकि कई यूजर्स ने इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी शुरू कर दीं। वीडियो को हजारों लोगों ने देखा और बड़ी संख्या में साझा भी किया।
जंतर-मंतर आंदोलन में कैसे बने चर्चित चेहरा?
मोहम्मद जुनैद पहली बार उस समय चर्चा में आए थे, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG परीक्षा और कथित पेपर लीक के खिलाफ छात्र आंदोलन चल रहा था। आंदोलन के दौरान उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए पीने का पानी, ब्रेड-पकौड़ा और अन्य जरूरी खाने-पीने की चीजों की व्यवस्था की। भीषण गर्मी में छात्रों की मदद करने की उनकी इस पहल की सोशल मीडिया पर काफी सराहना हुई। धीरे-धीरे उनका नाम आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल हो गया।
पुलिस कार्रवाई को लेकर लगाए थे आरोप
आंदोलन के बाद मोहम्मद जुनैद ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शनकारियों की मदद करने की वजह से उनके परिवार को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। उनका कहना था कि उनके परिवार के लोगों से पूछताछ की गई और उन्हें परेशान किया गया। हालांकि, गाजियाबाद पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया था। पुलिस का कहना था कि जुनैद के पिता को केवल सामान्य पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया और किसी भी तरह की गिरफ्तारी नहीं की गई।
कौन हैं मोहम्मद जुनैद?
मोहम्मद जुनैद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव के रहने वाले हैं। उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है और साधारण पृष्ठभूमि से आता है। उन्होंने गाजियाबाद के सुंदरप कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की है। जुनैद खुद को एडवोकेट बताते हैं और न्यायिक सेवा परीक्षा (Judicial Service Exam) सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे हैं।
छात्रों की मदद से बनाई अलग पहचान
जुनैद के अनुसार, वह 6 जून को पहली बार CJP के प्रदर्शन में शामिल हुए थे। 20 जून को परीक्षा देकर दोबारा जंतर-मंतर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए पानी और खाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर पानी और खाने की व्यवस्था शुरू की। धीरे-धीरे कई लोग इस मुहिम से जुड़ते गए। उनके साथ बृजेश पांडे समेत कई अन्य लोगों ने भी सहयोग किया। इसी सामाजिक पहल ने उन्हें आंदोलन के दौरान एक अलग पहचान दिलाई और सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा होने लगी।
सोशल मीडिया पर फिर बढ़ी चर्चा
अब अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद मोहम्मद जुनैद एक बार फिर चर्चा में हैं। वायरल वीडियो और इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए उनका नाम सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है। जहां समर्थक इसे एक प्रेरणादायक मुलाकात बता रहे हैं, वहीं कई लोग इसे राजनीतिक नजरिए से भी देख रहे हैं। फिलहाल यह मुलाकात सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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