ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार (27 जुलाई) को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया। लगातार शोर-शराबे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष और चायल से विधायक पूजा पाल ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने के बावजूद विपक्ष संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है।
पूजा पाल ने विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
बीजेपी विधायक पूजा पाल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार ने विपक्ष की प्रमुख मांगों पर कार्रवाई की है। इसके बावजूद संसद को ठप करना यह दिखाता है कि विपक्ष का उद्देश्य समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि राजनीतिक माहौल को गर्म रखना है।उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक चर्चा में भाग लेने के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है, जिससे जनता के समय और करदाताओं के पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।
सरकार के उठाए गए कदमों का किया उल्लेख
पूजा पाल ने अपनी पोस्ट में सरकार द्वारा उठाए गए कई फैसलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया। इसके अलावा परीक्षा से जुड़े मामलों में तेजी से न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की स्थापना की गई और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया। उनका कहना था कि जब सरकार ने सभी जरूरी कदम उठा लिए हैं, तब भी संसद की कार्यवाही बाधित करना उचित नहीं कहा जा सकता।
पेपर लीक रोकने के लिए नया विधेयक
इसी बीच केंद्र सरकार पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए कानून को और सख्त बनाने की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन से संबंधित विधेयक लोकसभा में पेश किया जा सकता है।
सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है, ताकि युवाओं का भरोसा प्रतियोगी परीक्षाओं पर बना रहे। प्रस्तावित बदलावों में पेपर लीक कराने वालों और परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोहों के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं।
विपक्ष और सरकार के बीच जारी है टकराव
संसद के मौजूदा सत्र में कई मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। विपक्ष जहां विभिन्न मामलों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं बीजेपी का कहना है कि महत्वपूर्ण विधेयकों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। पूजा पाल का कहना है कि संसद लोकतांत्रिक बहस का मंच है और यदि विपक्ष लगातार हंगामा करता रहेगा तो महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा प्रभावित होगी। वहीं विपक्ष का दावा है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है।
संसद में जारी गतिरोध के बीच बीजेपी और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज होते जा रहे हैं। एक ओर सरकार परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्ती के लिए नया विधेयक लाने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष सदन में अपने विरोध को जारी रखे हुए है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चल पाती है या राजनीतिक टकराव और बढ़ता है
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!