ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी एक जांच में ऐसा अपडेट सामने आया है, जिसने चढ़ावे की रकम की सुरक्षा और उसके रखरखाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के दौरान सामने आया है कि मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी होने की घटनाएं पहले बताए गए आंकड़े से कहीं ज्यादा हो सकती हैं। CCTV फुटेज की जांच में ऐसी 105 घटनाएं दर्ज होने की बात सामने आई है, जबकि शुरुआती जांच में इनकी संख्या 70 बताई गई थी। मामले में अब जांच आगे बढ़ चुकी है और SIT की चार्जशीट इस पूरे केस की तस्वीर को और साफ कर सकती है। बताया गया है कि चार्जशीट में चोरी की कुल रकम, घटनाओं का पूरा विवरण और जांच के दौरान सामने आए सबूतों की जानकारी दी जाएगी। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मंदिर से आखिर कितनी रकम चोरी हुई और इस मामले में कितने लोग शामिल थे।
CCTV से सामने आईं कई घटनाएं
जांच में CCTV फुटेज को अहम सबूत माना गया है। इसी फुटेज की जांच के बाद चोरी की घटनाओं का आंकड़ा 70 से बढ़कर 105 तक पहुंचा। जांच टीम ने सिर्फ CCTV रिकॉर्डिंग पर ही भरोसा नहीं किया, बल्कि आरोपियों के बयान, गवाहों की जानकारी और दूसरे सबूतों को भी जांच का हिस्सा बनाया है। यह मामला उस समय सामने आया था जब 4 जून को राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान गणना कक्ष के शौचालय में नकदी छिपाए जाने की घटना का पता चला था। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और धीरे-धीरे कई घटनाओं की जानकारी सामने आती गई।
चार्जशीट में क्या सामने आएगा?
अब सबकी नजर SIT की चार्जशीट पर है। रिपोर्ट के मुताबिक जांच टीम जल्द ही आरोपपत्र दाखिल करने वाली है। इसमें चोरी की कुल रकम के साथ-साथ घटनाओं से जुड़े लोगों और उपलब्ध सबूतों का विवरण भी सामने आने की उम्मीद है। जांच के दौरान मंदिर में मिलने वाले चढ़ावे और कीमती सामान को संभालने की प्रक्रिया को भी देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार मंदिर में मिलने वाले कीमती सामान की रसीद सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार की जाती है और इसके बाद उसे बैंक लॉकर में रखा जाता है। ऐसे में जांच का एक हिस्सा यह समझने पर भी है कि चढ़ावे की गिनती से लेकर उसे सुरक्षित रखने तक की पूरी प्रक्रिया में कहां गड़बड़ी हुई।
डिफॉल्ट जमानत की समय सीमा भी अहम
इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने की समय सीमा भी महत्वपूर्ण बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक पहली गिरफ्तारी के बाद 90 दिन की अवधि 25 सितंबर को पूरी हो रही थी। अगर उससे पहले आरोपपत्र दाखिल नहीं होता, तो आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत मिलने की स्थिति बन सकती थी। इसी वजह से जांच टीम ने तय समय के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया तेज की।
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के सामने भी जांच की स्थिति रिपोर्ट रखी गई। रिपोर्ट में गिरफ्तारियों के साथ-साथ CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और दूसरे सबूतों का जिक्र किया गया। अदालत ने उपलब्ध जानकारी को रिकॉर्ड पर लिया और आगे की कार्रवाई कानून के मुताबिक करने के निर्देश दिए। अब असली तस्वीर चार्जशीट सामने आने के बाद और साफ होगी। खासकर चोरी की कुल रकम, घटनाओं की पूरी कड़ी और जांच में सामने आए सबूत इस मामले की अगली दिशा तय करने में अहम होंगे। फिलहाल 70 से बढ़कर 105 चोरी की घटनाओं का आंकड़ा सामने आना इस पूरे मामले का सबसे बड़ा नया अपडेट है।
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