ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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अयोध्या में बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को मजबूत करने, दान गणना प्रणाली, नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति, ट्रस्ट के रिक्त पदों की पूर्ति और मीडिया संवाद को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। हालांकि, चढ़ावा अनियमितता मामले में विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट अभी तक नहीं मिलने के कारण इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की गई।
श्रावण मास की तैयारियों पर विशेष जोर
बैठक में सबसे पहले श्रावण मास के दौरान अयोध्या आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधाओं की समीक्षा की गई। ट्रस्ट ने तय किया कि दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और अन्य आवश्यक सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
दान व्यवस्था और CCTV सिस्टम की हुई समीक्षा
ट्रस्ट ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और दान गणना प्रणाली की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि चढ़ावा गणना कक्ष सहित सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे CCTV कैमरों की निगरानी पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के पास उपलब्ध है। सोने और चांदी के चढ़ावे की शुद्धता की जांच के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक संस्थान की टकसाल (मिंट) के साथ चल रही व्यवस्था को आगे भी जारी रखने का फैसला लिया गया।
SBI के साथ समझौते की होगी समीक्षा
बैठक में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ हुए समझौते (MoU) पर भी चर्चा हुई। ट्रस्ट ने दान व्यवस्था में सामने आई कथित अनियमितताओं के बाद बैंक की प्रतिक्रिया पर असंतोष व्यक्त किया। वित्त समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह SBI के साथ वर्तमान व्यवस्था और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की समीक्षा करे और आवश्यकता पड़ने पर उचित निर्णय ले।
CEO चयन के लिए मिला एक माह का अतिरिक्त समय
ट्रस्ट ने बताया कि नए CEO के चयन के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। चयन समिति ने आवेदनों की विस्तृत जांच के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा, जिसे ट्रस्ट ने मंजूरी दे दी। जब तक नए CEO की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए एक सचिव नियुक्त करने की भी अनुमति दी गई है।
धार्मिक समिति का हुआ पुनर्गठन
मंदिर की पूजा-पद्धति और धार्मिक परंपराओं की शुद्धता बनाए रखने के उद्देश्य से ट्रस्ट ने धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया। इस समिति की अध्यक्षता स्वामी गोविंद देव गिरि करेंगे। समिति में विभिन्न पीठों और संत परंपराओं के प्रमुख संतों को शामिल किया गया है। इसके अलावा पूज्य युगपुरुष स्वामी परमानंद जी को भी समिति का सदस्य बनाया गया है।
ट्रस्ट नियुक्त करेगा आधिकारिक प्रवक्ता
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मीडिया के साथ नियमित और आधिकारिक संवाद बनाए रखने के लिए ट्रस्ट एक अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त करेगा। साथ ही ट्रस्ट में रिक्त सदस्य पदों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई, जिसे पूरा होने में अभी कुछ और सप्ताह लग सकते हैं।
श्रद्धालुओं की आस्था पर जताया विश्वास
बैठक के दौरान ट्रस्ट ने कहा कि विभिन्न आरोपों और दुष्प्रचार के बावजूद राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। ट्रस्ट ने इसे रामभक्तों की अटूट आस्था का प्रतीक बताते हुए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, संत समाज और अयोध्यावासियों का आभार व्यक्त किया।
2 सितंबर को होगी अगली अहम बैठक
बैठक के बाद शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने बताया कि फिलहाल ट्रस्ट की संरचना में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि मंदिर के दर्शन और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक प्रबंधन समिति गठित की जाएगी और नए CEO की नियुक्ति भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि CEO और ट्रस्ट के रिक्त सदस्य पदों पर अंतिम निर्णय 2 सितंबर को होने वाली अगली ट्रस्ट बैठक में लिया जाएगा। माना जा रहा है कि उस बैठक में मंदिर प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर अंतिम मुहर लग सकती है
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