ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
पंजाब की राजनीति में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से हलचल शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी जहां सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही है, वहीं कांग्रेस भी सरकार में लौटने के लिए अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी है। इसी बीच पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने पार्टी की आगे की रणनीति को लेकर कई अहम बातें कही हैं। पायलट ने दावा किया कि कांग्रेस पंजाब में अगली सरकार बनाएगी। उनके मुताबिक पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती आम आदमी पार्टी है, क्योंकि फिलहाल राज्य में उसी की सरकार है। कांग्रेस अब चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और नेताओं को एक साथ लेकर आगे बढ़ने पर जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर क्या है प्लान?
पंजाब में कांग्रेस के सामने एक बड़ा सवाल मुख्यमंत्री चेहरे का भी है। क्या चुनाव से पहले पार्टी किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाएगी? इस सवाल पर सचिन पायलट ने साफ किया कि फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है। उनके मुताबिक विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस किसी एक चेहरे को आगे रखकर चुनाव नहीं लड़ेगी। पार्टी सामूहिक नेतृत्व के साथ मैदान में उतरेगी। अगर चुनाव में बहुमत मिलता है, तो उसके बाद जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। इस रणनीति के पीछे कोशिश यही है कि चुनाव से पहले किसी एक चेहरे को लेकर पार्टी के अंदर मतभेद न बढ़ें और सभी बड़े नेता एक साथ प्रचार करें।
चन्नी भी प्रचार में लगाएंगे पूरी ताकत
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को लेकर भी पायलट ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने बताया कि चन्नी पार्टी के लिए पूरी ताकत के साथ प्रचार करेंगे। चन्नी ने भी कांग्रेस को दोबारा सत्ता में लाने के लिए मेहनत करने की बात कही है। पायलट के मुताबिक कांग्रेस के सभी नेताओं को साथ लेकर चुनाव लड़ने की कोशिश की जा रही है। पार्टी के लिए यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि पिछले कुछ समय में पंजाब कांग्रेस के अंदर नेताओं के बीच मतभेद की खबरें आती रही हैं। हालांकि पायलट ने पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों को गुटबाजी मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि किसी मुद्दे पर नेताओं की राय अलग होना सामान्य बात है। हर असहमति को गुटबाजी कहना सही नहीं है।
राहुल और प्रियंका गांधी भी करेंगे प्रचार
कांग्रेस पंजाब में अपने बड़े नेताओं को भी चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। सचिन पायलट ने बताया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से पंजाब के लिए समय निकालने का अनुरोध किया गया है। राहुल गांधी की तरफ से पार्टी को पूरा सहयोग देने का भरोसा मिलने की बात भी पायलट ने कही। आने वाले समय में दोनों नेताओं के पंजाब दौरे का कार्यक्रम तय किया जा सकता है। कांग्रेस के लिए बड़े नेताओं का प्रचार इसलिए महत्वपूर्ण होगा क्योंकि पंजाब में पार्टी को संगठन के साथ-साथ जनता के बीच अपना संदेश भी मजबूत तरीके से पहुंचाना है।
आम आदमी पार्टी पर सीधा हमला
पंजाब में कांग्रेस का सबसे बड़ा चुनावी निशाना आम आदमी पार्टी रहने वाला है। पायलट ने कहा कि सत्ता में होने की वजह से मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी से ही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस एकजुट है, जबकि आम आदमी पार्टी में अंदरूनी स्तर पर परेशानी है। पायलट ने यह भी कहा कि पंजाब में कांग्रेस का अपना पुराना आधार और राजनीतिक पहचान है। हालांकि चुनाव अभी दूर है, इसलिए आने वाले समय में दोनों पार्टियों के बीच मुकाबला और तेज होने की संभावना है। खासकर सीटों और वोट बैंक को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की रणनीति पर नजर रहेगी।
ड्रग्स का मुद्दा बनेगा बड़ा चुनावी हथियार
पंजाब में नशे का मुद्दा लंबे समय से राजनीति के केंद्र में रहा है। अब कांग्रेस भी इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में दिखाई दे रही है। सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ड्रग्स की समस्या को रोकने में सफल नहीं रही है। उन्होंने नशे के कारोबार, अपराध और गैंग से जुड़े मामलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के लोग नशे की समस्या को लेकर चिंतित हैं और सरकार को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए। हालांकि सरकार और आम आदमी पार्टी की तरफ से इन आरोपों पर अलग-अलग जवाब सामने आ सकते हैं।
कांग्रेस को अपनी पुरानी पकड़ वापस चाहिए
पंजाब में कांग्रेस का लंबा राजनीतिक इतिहास रहा है। पार्टी अब इसी पुराने आधार को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए नेताओं को एक मंच पर लाना, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और जनता से जुड़े मुद्दों को चुनावी अभियान का हिस्सा बनाना जरूरी होगा। कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वह अपने पुराने वोट बैंक को दोबारा मजबूत करे और आम आदमी पार्टी के खिलाफ एक मजबूत विकल्प के तौर पर खुद को पेश करे।
चुनाव से पहले बढ़ेगी सियासी गर्मी
पंजाब विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन पार्टियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर फिलहाल सामूहिक नेतृत्व का रास्ता चुना है। वहीं आम आदमी पार्टी के खिलाफ ड्रग्स, कानून-व्यवस्था और दूसरे स्थानीय मुद्दों को लेकर हमला तेज करने की तैयारी है। सचिन पायलट का दावा है कि कांग्रेस इस बार सत्ता में वापसी करेगी। लेकिन असली तस्वीर चुनाव के दौरान ही साफ होगी। फिलहाल इतना जरूर है कि पंजाब की राजनीति में आने वाले महीनों में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच मुकाबला और ज्यादा दिलचस्प होने वाला है।
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