ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में अब एक ऐसा अपडेट सामने आया है, जिसने करीब तीन साल पुराने इस मामले की जांच को फिर चर्चा में ला दिया है। इस मामले में वांछित आरोपी मोहम्मद अरमान को बिहार की गया सेंट्रल जेल से प्रयागराज लाया गया है। उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था और पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी। अब ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे प्रयागराज लाकर अदालत के सामने पेश करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
तीन साल से बिहार की जेल में था
दिलचस्प बात यह है कि पुलिस जिस अरमान को इतने लंबे समय से फरार मानकर तलाश कर रही थी, वह पिछले कई साल से बिहार की जेल में बंद था। जानकारी के मुताबिक, उमेश पाल की हत्या के कुछ ही दिन बाद अरमान बिहार के गया पहुंचा था। वहां एक अलग फायरिंग के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया और बाद में वह न्यायिक हिरासत में चला गया। इसी वजह से वह गया सेंट्रल जेल में बंद रहा, जबकि प्रयागराज पुलिस उमेश पाल हत्याकांड में उसे तलाशती रही। पुलिस को हाल ही में पता चला कि अरमान गया जेल में ही बंद है। इसके बाद प्रयागराज पुलिस की टीम वहां पहुंची और उसकी पहचान की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस ने उसकी तस्वीर और फिंगरप्रिंट जैसी जानकारी भी हासिल की, ताकि यह पक्का किया जा सके कि जेल में बंद व्यक्ति वही अरमान है जिसकी इस मामले में तलाश थी।
उमेश पाल हत्याकांड में क्या आरोप है?
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की दिनदहाड़े गोली और बम से हमला कर हत्या कर दी गई थी। उमेश पाल साल 2005 में हुए राजू पाल हत्याकांड के गवाह थे। इस वारदात के बाद पुलिस ने कई लोगों को आरोपी बनाया और जांच में कई नाम सामने आए।पुलिस का आरोप है कि घटनास्थल के CCTV फुटेज में अरमान बाइक चलाते हुए नजर आया था और उसके पीछे गुड्डू मुस्लिम बैठा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, हमले के दौरान दोनों की भूमिका रही थी। हालांकि, ये पुलिस जांच में सामने आए आरोप हैं और मामले में अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
अब आगे क्या होगा?
ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद अरमान को प्रयागराज लाया गया है। यहां उसे संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा और उमेश पाल हत्याकांड में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस दौरान उससे पूछताछ भी कर सकती है और मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं की जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी।अरमान के प्रयागराज पहुंचने के बाद अब जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस उससे वारदात की साजिश, घटनास्थल तक पहुंचने और घटना के बाद की गतिविधियों को लेकर क्या जानकारी हासिल कर पाती है।
दूसरी तरफ, उसके परिवार की ओर से उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई गई है और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। कुल मिलाकर, उमेश पाल हत्याकांड में अरमान की वापसी इस केस की जांच के लिए एक अहम घटनाक्रम है। अब सबकी नजर अदालत में होने वाली अगली कार्रवाई और पुलिस की पूछताछ पर रहेगी।
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