ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद का मॉनसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस सत्र को मंजूरी दी गई। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले होने वाला यह आखिरी मॉनसून सत्र काफी अहम रहने वाला है और इसमें कई बड़े राजनीतिक मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आ सकते हैं।
बीजेपी विकास कार्यों का देगी रिपोर्ट कार्ड
मॉनसून सत्र में भारतीय जनता पार्टी अपनी सरकार के पिछले 10 वर्षों के कामकाज और विकास योजनाओं को सदन के सामने रखेगी। सरकार विभिन्न योजनाओं, बुनियादी ढांचे, निवेश, कानून-व्यवस्था और अन्य उपलब्धियों को अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश करने की तैयारी में है।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे विपक्षी दल
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस इस सत्र में कई अहम मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही हैं। विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले, छात्रों के आंदोलन और उनसे जुड़े घटनाक्रम को सदन में जोर-शोर से उठाने की रणनीति बना रहा है। इसके अलावा रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा भी समाजवादी पार्टी प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। विपक्ष का कहना है कि इस मामले पर सरकार को जवाब देना होगा।
SIR और कांवड़ यात्रा भी बन सकते हैं बड़े मुद्दे
यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब उत्तर प्रदेश में SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विपक्ष ने इस प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए हैं। ऐसे में संभावना है कि सदन में SIR को लेकर भी तीखी बहस देखने को मिले। वहीं श्रावण मास के दौरान निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर सरकार द्वारा जारी की जाने वाली गाइडलाइन भी राजनीतिक विवाद का कारण बन सकती है। विपक्ष इस मुद्दे को भी सदन में उठाकर सरकार से जवाब मांग सकता है।
किसानों के नुकसान और मुआवजे पर भी होगी चर्चा
हाल ही में बदले मौसम और भारी बारिश के कारण कई इलाकों में किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। विपक्ष इस मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। किसानों को उचित मुआवजा देने और राहत कार्यों को तेज करने की मांग सदन में गूंज सकती है।
अनुपूरक बजट और नए विधेयक होंगे पेश
मॉनसून सत्र के दौरान राज्य सरकार अनुपूरक बजट भी पेश कर सकती है। इसके साथ ही अध्यादेशों की जगह लेने वाले कई विधेयक सदन में लाए जाएंगे। सरकार अन्य जरूरी विधायी कार्य भी इसी सत्र में पूरा करने की कोशिश करेगी।
2027 चुनाव से पहले अहम होगा यह सत्र
वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यह आखिरी मॉनसून सत्र माना जा रहा है। ऐसे में सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियां गिनाएगा, जबकि विपक्ष सरकार की नीतियों और फैसलों को लेकर आक्रामक रुख अपनाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सत्र में होने वाली बहसें आगामी चुनावी रणनीतियों की दिशा भी तय कर सकती हैं।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!