ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश में होटल और रेस्टोरेंट में हुक्का पर रोक लगाने का आदेश सामने आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 सितंबर 2026 को इस मामले में अहम आदेश दिया। अदालत ने राज्य के होटल और रेस्टोरेंट में हुक्का सेवा पर रोक लगाने की बात कही और हुक्का बार चलाने को भी नियमों के खिलाफ माना।
सार्वजनिक जगहों पर हुक्का सेवा पर रोक
अदालत के आदेश का सीधा असर उन होटल और रेस्टोरेंट पर पड़ सकता है जहां ग्राहकों को हुक्का उपलब्ध कराया जाता है। कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों पर हुक्का सेवा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। आदेश में कहा गया कि डेजिग्नेटेड स्मोकिंग एरिया में भी हुक्का सेवा नहीं दी जा सकती। अदालत ने इसे 2017 में बदले गए नियमों और COTPA के प्रावधानों से जोड़कर देखा।
हुक्का बार पर भी सख्ती
अदालत ने हुक्का बार चलाने को अवैध बताया है। इसका मतलब यह है कि सिर्फ होटल या रेस्टोरेंट में अलग स्मोकिंग एरिया बना देना हुक्का सेवा देने के लिए पर्याप्त नहीं माना जाएगा। यह फैसला उन कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण है जो हुक्का को अपनी सर्विस का हिस्सा बनाकर ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं।
युवाओं की सेहत का मुद्दा
हुक्का को लेकर लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी बहस होती रही है। कई लोग इसे सिगरेट से कम नुकसानदायक मानते हैं, लेकिन विशेषज्ञों और स्वास्थ्य संस्थाओं ने हुक्का धुएं में मौजूद हानिकारक तत्वों को लेकर चिंता जताई है। अदालत ने भी अपने आदेश में लोगों और खासकर युवाओं की सेहत को ध्यान में रखा। युवाओं के बीच कैफे और रेस्टोरेंट में हुक्का का चलन बढ़ने की वजह से इस पर नियमों को लेकर भी समय-समय पर चर्चा होती रही है।
होटल-रेस्टोरेंट मालिकों पर असर
इस आदेश के बाद ऐसे कारोबारियों को अपनी सर्विस में बदलाव करना पड़ सकता है जो हुक्का उपलब्ध कराते हैं। अगर कोई प्रतिष्ठान आदेश के बाद भी हुक्का सेवा जारी रखता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। हालांकि किसी भी कारोबारी को स्थानीय प्रशासन की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों और अदालत के आदेश की पूरी जानकारी लेकर ही आगे कदम उठाना चाहिए।
नियमों को समझना जरूरी
हुक्का और धूम्रपान को लेकर कई अलग-अलग नियम हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि अदालत का आदेश किस तरह की जगहों और किस प्रकार की सेवा पर लागू होता है। इस मामले में अदालत ने सार्वजनिक स्थानों और होटल-रेस्टोरेंट में हुक्का सेवा को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है।
आगे क्या होगा?
अब होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को नए आदेश के अनुसार अपनी गतिविधियों की समीक्षा करनी होगी। प्रशासन की तरफ से इसे लागू करने को लेकर आगे की कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल इस फैसले ने यूपी में हुक्का बार और रेस्टोरेंट आधारित हुक्का कल्चर पर नई बहस शुरू कर दी है। अदालत का मुख्य जोर नियमों के पालन और लोगों की सेहत से जुड़े पहलू पर है।
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