ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। अब समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव, आजम खान और मोहम्मद अली जौहर को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर AIMIM ने पलटवार किया है। AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने मुख्यमंत्री के बयान को तथ्यहीन बताते हुए समाजवादी पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा।
शिवपाल के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद
दरअसल, हाल ही में शिवपाल यादव ने आजम खान और उनके परिवार से मुलाकात के बाद कहा था कि अगर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो आजम खान को गृह मंत्री बनाया जाएगा। इस बयान ने यूपी की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी। इसके जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मोहम्मद अली जौहर का जिक्र किया। योगी ने सवाल उठाया कि सपा ऐसे व्यक्ति के नाम पर बनी यूनिवर्सिटी से जुड़े नेता को गृह मंत्री बनाने की बात कर रही है, जिसे उन्होंने भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार बताया।
शादाब चौहान ने योगी के बयान को बताया गलत
AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पलटवार किया। उन्होंने दावा किया कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेताओं में थे और महात्मा गांधी के साथ भी आजादी की लड़ाई में शामिल रहे थे। शादाब चौहान ने कहा कि मोहम्मद अली जौहर का निधन 1931 में हो गया था, जबकि भारत का विभाजन 1947 में हुआ। इसी आधार पर उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान पर सवाल उठाया जिसमें जौहर को देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार बताया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के बयान पर समाजवादी पार्टी की ओर से पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं आई। शादाब ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या सपा को सिर्फ मुस्लिम वोट चाहिए या फिर मुस्लिम समाज से जुड़े ऐतिहासिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी खुलकर बोलना चाहिए।
सपा पर 'वोट बैंक' की राजनीति का आरोप
शादाब चौहान ने समाजवादी पार्टी पर मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर किसी मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानी, उलेमा या समुदाय से जुड़े व्यक्ति पर तथ्यहीन टिप्पणी की जाती है, तो सपा को उसका जवाब देना चाहिए। AIMIM नेता ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी और सपा के बीच राजनीतिक 'मैच फिक्सिंग' जैसी स्थिति है। हालांकि, यह शादाब चौहान का राजनीतिक आरोप है और इस पर सपा या बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर पहले भी विवाद
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खान को लेकर उत्तर प्रदेश में लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी विवाद चलता रहा है। जुलाई 2026 में भी यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों को लेकर AIMIM ने अखिलेश यादव और सपा पर निशाना साधा था। शादाब चौहान पहले भी आरोप लगा चुके हैं कि सपा मुस्लिम नेताओं और मुद्दों को लेकर पर्याप्त मजबूती से आवाज नहीं उठाती। वहीं, यूपी की राजनीति में सपा और बीजेपी दोनों के बीच इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
2027 से पहले बढ़ रही सियासी गर्मी
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 नजदीक आने के साथ ही आजम खान, मुस्लिम वोट, जौहर यूनिवर्सिटी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में आते जा रहे हैं। फिलहाल इस पूरे विवाद में तीन राजनीतिक पक्षों के बयान सामने आ रहे हैं—योगी आदित्यनाथ का मोहम्मद अली जौहर को लेकर बयान, शिवपाल यादव का आजम खान को लेकर दावा और उसके जवाब में AIMIM नेता शादाब चौहान का पलटवार। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सपा, बीजेपी और AIMIM के बीच सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है
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