ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को एक बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे 20 हजार के इनामी अपराधी बिरकेश उर्फ विकेश उर्फ विक्की को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। यह आरोपी पिछले 14 सालों से पुलिस को चकमा दे रहा था और अपनी पहचान व ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला साल 2012 का है, जब द्वारका साउथ इलाके में एक कैब ड्राइवर के साथ लूट और अपहरण की घटना हुई थी। ड्राइवर सुनील कुमार अपनी ड्यूटी पर था, तभी दो बदमाशों ने उसे रोका। उन्होंने उसके साथ मारपीट की, पैसे और मोबाइल लूट लिए और फिर उसे अगवा कर लिया। कुछ देर बाद आरोपी उसे सड़क पर फेंककर उसकी गाड़ी लेकर फरार हो गए। इस मामले में एक आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुका था, लेकिन मुख्य आरोपी विक्की फरार था।
कैसे पकड़ में आया आरोपी?
दिल्ली पुलिस ने विक्की को पकड़ने के लिए कई सालों तक कोशिश की, लेकिन वह हर बार बच निकलता था। हाल ही में क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि आरोपी चंडीगढ़ में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की। पता चला कि वह वहां गैस सिलेंडर सप्लाई का काम कर रहा है। पुलिस टीम ने कई दिनों तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और फिर सेक्टर-26, चंडीगढ़ से उसे गिरफ्तार कर लिया।
पहचान बदलकर करता था बचाव
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वारदात के बाद वह उत्तर प्रदेश से हरियाणा और फिर चंडीगढ़ भाग गया था। पुलिस से बचने के लिए वह लगातार अपने मोबाइल नंबर और ठिकाने बदलता रहा। इसी वजह से वह इतने लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचता रहा।
पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस के अनुसार, विक्की कोई नया अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ पहले से ही 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। इससे साफ है कि वह एक शातिर और आदतन अपराधी है। 14 साल बाद आरोपी की गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह दिखाता है कि पुलिस लगातार प्रयास और तकनीकी मदद से लंबे समय से फरार अपराधियों को भी पकड़ सकती है।
इस पूरे मामले से यह साफ होता है कि कानून से कोई भी अपराधी ज्यादा समय तक बच नहीं सकता। चाहे वह कितनी भी चालाकी क्यों न दिखाए, आखिरकार पुलिस उसे पकड़ ही लेती है। यह गिरफ्तारी न केवल पुलिस की सफलता है, बल्कि आम लोगों के लिए भी एक संदेश है कि अपराध का अंत हमेशा गिरफ्तारी और सजा के साथ ही होता है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!