ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली के लाखों प्रॉपर्टी मालिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी वन टाइम एमनेस्टी स्कीम की अंतिम तारीख को आगे बढ़ा दिया है। अब टैक्सपेयर्स को अपनी बकाया राशि जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
अब 30 अप्रैल तक मिलेगा मौका
MCD ने “संपत्ति कर निपटान योजना (SUNIYO One Plus Five)” के तहत टैक्स जमा करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 से बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दी है। इस फैसले का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस योजना का फायदा देना और उन्हें टैक्स भुगतान के लिए पर्याप्त समय देना है।
सभी प्रकार की संपत्तियों पर लागू
यह योजना MCD के दायरे में आने वाली सभी तरह की संपत्तियों पर लागू होगी। इसमें रिहायशी, कमर्शियल और अन्य श्रेणी की प्रॉपर्टी शामिल हैं। यानी हर वर्ग के प्रॉपर्टी मालिक इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं और अपने पुराने बकाया टैक्स को आसानी से जमा कर सकते हैं।
लेट फीस का प्रावधान
हालांकि, बढ़ी हुई समयसीमा के दौरान एक बदलाव भी किया गया है। 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच टैक्स जमा करने पर मूल राशि पर 5% की लेट फीस देनी होगी। इसके अलावा योजना की बाकी सभी शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी।
पुराने रिटर्न भरने का मौका
इस स्कीम के तहत वित्त वर्ष 2020-21 से लेकर 2025-26 तक के सेल्फ असेसमेंट प्रॉपर्टी टैक्स रिटर्न (SAPTR) भी दाखिल किए जा सकते हैं। यह उन लोगों के लिए बड़ा मौका है जिन्होंने पिछले वर्षों में किसी कारण से अपना टैक्स जमा नहीं किया या रिटर्न फाइल नहीं किया।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
MCD प्रशासन ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि टैक्सपेयर्स को किसी भी तरह की परेशानी न हो। रिटर्न फाइलिंग और भुगतान प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि लोग आसानी से इस योजना का लाभ उठा सकें।
अंतिम समय का इंतजार न करें
MCD ने लोगों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते अपना टैक्स जमा कर दें। आखिरी समय में भीड़ बढ़ने और तकनीकी दिक्कतों की संभावना रहती है, इसलिए जल्द भुगतान करना बेहतर रहेगा। MCD का यह फैसला दिल्ली के प्रॉपर्टी मालिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। बढ़ी हुई समयसीमा उन लोगों के लिए सुनहरा अवसर है, जो अब तक अपना टैक्स जमा नहीं कर पाए थे।
अगर समय रहते इस योजना का लाभ उठाया जाए, तो न केवल बकाया टैक्स का निपटान आसान होगा, बल्कि भविष्य में किसी कानूनी या वित्तीय परेशानी से भी बचा जा सकता है
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