ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को ₹1.03 लाख करोड़ का बजट पेश किया। इस बजट में विकास, पर्यावरण, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस बार का बजट पिछले साल के मुकाबले ₹3,700 करोड़ यानी 3.7% अधिक है। सरकार ने साफ किया है कि यह बजट दिल्ली को आधुनिक और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
ग्रीन बजट पर सबसे ज्यादा जोर
इस बजट की सबसे बड़ी खासियत “ग्रीन बजट” है। कुल बजट का 21.44% यानी ₹22,236 करोड़ पर्यावरण और प्रदूषण से निपटने के लिए खर्च किया जाएगा।दिल्ली में प्रदूषण लंबे समय से एक बड़ी समस्या रहा है। ऐसे में सरकार का यह कदम पर्यावरण सुधार की दिशा में अहम माना जा रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता
सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹19,000 करोड़ का प्रावधान किया है, जो इस बजट का सबसे बड़ा हिस्सा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹13,000 करोड़ का बजट रखा गया है। मुख्यमंत्री ने 9वीं कक्षा की 13 लाख छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने और 10वीं के मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने की घोषणा की है। इससे शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
महिलाओं और सामाजिक योजनाओं पर फोकस
बजट में महिलाओं के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल की गई हैं। “दिल्ली लखपति बिटिया योजना” के तहत बेटी के जन्म से लेकर उसकी ग्रेजुएशन तक आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना के लिए ₹128 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 1,000 महिलाओं को ई-ऑटो परमिट देने और 100 परमिट ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आरक्षित करने का फैसला लिया गया है।
गिग वर्कर्स और आम लोगों के लिए राहत
सरकार ने गिग वर्कर्स के लिए अटल कैंटीन के पास रेस्ट रूम बनाने की घोषणा की है। यहां उन्हें आराम करने, खाना खाने और मोबाइल चार्ज करने जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही होली और दिवाली पर हर घर को दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने के लिए ₹260 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं पर निवेश
दिल्ली के विकास के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स का ऐलान किया गया है:
• सड़क सुधार के लिए एमसीडी को ₹1,000 करोड़
• धूल रहित सड़कों के लिए ₹1,352 करोड़
• बिजली विभाग के लिए ₹3,942 करोड़
• बिजली तारों को अंडरग्राउंड करने के लिए ₹200 करोड़
• इसके अलावा फायर ब्रिगेड को ₹674 करोड़ दिए जाएंगे, जिससे नए केंद्र बनाए जाएंगे और आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे।
पानी, परिवहन और पर्यावरण पर ध्यान
पानी की समस्या को दूर करने के लिए चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए ₹475 करोड़ का बजट रखा गया है। परिवहन के लिए ₹8,374 करोड़ का प्रावधान किया गया है और मार्च 2027 तक 7,500 बसों का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 5,800 इलेक्ट्रिक बसें होंगी। पार्क और गार्डन के लिए ₹25 करोड़ और प्रदूषण नियंत्रण के लिए ₹300 करोड़ का अतिरिक्त बजट दिया गया है।
स्वास्थ्य में नई पहल ‘अनमोल योजना’
सरकार ने जेनेटिक बीमारियों की जांच के लिए “अनमोल योजना” शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत गर्भ में ही बीमारियों की पहचान के लिए 56 तरह के टेस्ट कराए जाएंगे। इस योजना के लिए ₹25 करोड़ का बजट रखा गया है, जिससे बच्चों की बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
विधानसभा को बम की धमकी से मचा हड़कंप
बजट पेश होने से पहले दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। विधानसभा स्पीकर को एक धमकी भरा ईमेल मिला, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। स्निफर डॉग और बम स्क्वॉड की टीम ने पूरी विधानसभा की जांच की, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। इसके बाद बजट सत्र की कार्यवाही थोड़ी देर से शुरू की गई।
सरकार का रुख और संदेश
विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने कहा कि इस तरह की धमकियां देने वाले लोग सिरफिरे होते हैं और सरकार को डराने की कोशिश करते हैं। उन्होंने साफ कहा कि सरकार इस तरह की धमकियों से डरने वाली नहीं है और दिल्ली के विकास का काम जारी रहेगा। दिल्ली का यह बजट विकास, पर्यावरण और सामाजिक कल्याण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है।
ग्रीन बजट, शिक्षा-स्वास्थ्य में निवेश और नई योजनाएं यह दिखाती हैं कि सरकार भविष्य को ध्यान में रखकर कदम उठा रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं का असर दिल्ली की जनता के जीवन पर साफ दिखाई दे सकता है।
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