ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक बातचीत तेज हो गई है। इसी क्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर अहम चर्चा हुई। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और उससे जुड़े वैश्विक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चिंता
इस बातचीत का सबसे अहम मुद्दा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला और सुरक्षित बनाए रखना रहा। यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि होर्मुज स्ट्रेट को किसी भी हाल में बंद नहीं होने देना चाहिए।
वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। खासकर तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट की स्थिति बन रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस युद्ध की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिसका असर भारत पर भी पड़ रहा है।
भारतीयों की सुरक्षा भी बड़ी चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि होर्मुज स्ट्रेट में कई जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें भारतीय चालक दल के सदस्य भी मौजूद हैं। यह स्थिति भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे न सिर्फ व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भी दांव पर लगी हुई है।
कूटनीति के जरिए समाधान की कोशिश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में कहा कि भारत इस संकट को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से उन्होंने पश्चिम एशिया के कई देशों के नेताओं से दो बार फोन पर बातचीत की है। इसके अलावा भारत लगातार ईरान, इजराइल और अमेरिका के संपर्क में बना हुआ है।
आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत तेजी से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि ऐसे वैश्विक संकटों का असर देश पर कम से कम पड़े।उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच मोदी और ट्रंप की बातचीत यह दर्शाती है कि वैश्विक स्तर पर सहयोग और संवाद कितना जरूरी है। होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में कूटनीतिक प्रयासों से इस संकट का समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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