ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
गाजियाबाद में नए साल की शुरुआत एक दर्दनाक हादसे की खबर के साथ हुई। घने कोहरे के बीच एनएच-9 पर एक तेज रफ्तार ऑटो डिवाइडर से टकरा गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। हादसे के बाद ऑटो चालक मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
सर्दियों में कोहरा सड़क हादसों की बड़ी वजह बनता है, क्योंकि विजिबिलिटी
अचानक बहुत कम हो जाती है और ड्राइवर को सामने का अंदाजा देर से होता है। इस मामले
में भी बताया गया कि सुबह के समय कोहरे में दृश्यता बेहद कम थी। ऐसे में तेज
रफ्तार, अचानक
लेन बदलना या हाईवे पर चढ़ने की जल्दबाजी कई बार जानलेवा साबित हो जाती है।
हादसा कहां और कब हुआ?
यह घटना बुधवार सुबह तड़के एनएच-9 पर लिमरा अस्पताल के सामने बताई गई है।
ऑटो बहरामपुर से सवारी लेकर नोएडा सेक्टर-62 की ओर जा रहा था। ऑटो में कुल चार लोग
सवार थे।
बताया गया कि पहले ऑटो सर्विस रोड पर चल रहा था और फिर लिमरा अस्पताल
के पास चालक ने ऑटो को एनएच-9 पर चढ़ाने की कोशिश की। उसी दौरान ऑटो डिवाइडर से
टकरा गया। हादसा इतना तेज था कि ऑटो में बैठे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला।
घने कोहरे ने बढ़ाया खतरा
हादसे के वक्त कोहरा काफी घना था और दृश्यता बहुत कम बताई गई। ऐसी
हालत में ड्राइवर को डिवाइडर या आगे की रुकावट आखिरी समय पर दिखती है। पुलिस के
मुताबिक चालक को डिवाइडर नजदीक आने पर दिखा, उसने बचाने की कोशिश की, लेकिन ऑटो का एक हिस्सा
डिवाइडर से टकरा गया।
यहां एक अहम बात रफ्तार की भी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ऑटो
की स्पीड करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा थी। कोहरे में इतनी रफ्तार पर कंट्रोल
करना मुश्किल हो जाता है, खासकर तब जब वाहन सर्विस रोड से हाईवे पर चढ़ रहा
हो।
मृतक कौन थे?
हादसे में 22 वर्षीय अंकित की मौके पर ही मौत हो गई। अंकित मूल
रूप से संभल जिले के निवासी बताए गए हैं और गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार इलाके
में रहकर दिल्ली के कनॉट प्लेस में एक वीजा कंपनी में नौकरी करते थे।
दूसरे मृतक की पहचान 51 वर्षीय राजेश कुमार के रूप में हुई, जो मूल रूप से हाथरस
जिले के निवासी बताए गए हैं। वे नोएडा सेक्टर-62 की एक मोबाइल कंपनी में नौकरी करते थे।
राजेश कुमार को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़
दिया।
घायल कौन हैं और इलाज कहां चल रहा है?
हादसे में दो लोग घायल हुए, जिनकी पहचान पवन (रुद्रपुर, उत्तराखंड) और अजय
कुमार (बदायूं) के रूप में बताई गई है। घायलों को पुलिस ने एमएमजी अस्पताल
पहुंचाया। डॉक्टर ने गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल
रेफर कर दिया, जबकि दूसरे घायल का इलाज एमएमजी में चल रहा है।
ऐसे हादसों में शुरुआती “गोल्डन आवर” बहुत अहम होता है, और समय पर अस्पताल
पहुंचना कई बार जान बचा देता है। इस केस में भी घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया
गया, लेकिन
दुर्भाग्य से दो लोगों की जान नहीं बच सकी।
“ट्रक से टक्कर” वाली बात पर क्या अपडेट आया?
हादसे के बाद घायल पवन ने बताया कि ऑटो तेज गति से चल रहा था और टक्कर
के बाद वे बेहोश हो गए; उन्होंने कहा कि ऑटो सड़क पर खड़े ट्रक से टकराया। शुरुआती तौर पर
पुलिस ने भी अज्ञात वाहन से टक्कर की बात कही थी। लेकिन बाद की जांच में सामने आया
कि टक्कर डिवाइडर से हुई है, और ट्रक से टक्कर वाले दावे को पुलिस ने नकार
दिया।
यह अक्सर होता है कि हादसे के तुरंत बाद घायल या चश्मदीद घबराहट में
पूरी बात साफ नहीं बता पाते, क्योंकि सदमे की स्थिति रहती है। इसलिए पुलिस की
फाइनल जांच और मौके के सबूत ही सही तस्वीर सामने लाते हैं।
चालक फरार, पुलिस जांच में जुटी
हादसे के बाद ऑटो चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ऑटो
को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
ऐसे मामलों में ड्राइवर का भाग जाना स्थिति को और गंभीर बना देता है,
क्योंकि इससे यह
सवाल उठता है कि क्या चालक घबराया हुआ था, क्या उसके पास वैध कागजात थे, या कहीं और कोई वजह
थी। जांच में आमतौर पर रूट, स्पीड, वाहन की हालत और चालक की पहचान जैसे पहलुओं को
देखा जाता है।
कोहरे में सफर: छोटी सावधानी, बड़ा बचाव
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सर्दियों में कोहरे के दौरान
सड़क पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। खासकर हाईवे पर:
Ø स्पीड कम रखें और
अचानक कट/लेन बदलने से बचें।
Ø फॉग लाइट/लो बीम का
इस्तेमाल करें, हाई बीम से सामने वाले को दिक्कत होती है।
Ø आगे चल रहे वाहन से
सुरक्षित दूरी रखें।
Ø सर्विस रोड से हाईवे
पर चढ़ते समय डबल सतर्क रहें।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!