ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग बेटियों की आत्महत्या का मामला पूरे प्रदेश में सुर्खियों में है। हर रोज इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और हाल ही में मृतक बच्चियों के पिता चेतन कुमार के जीवन और परिवार के बारे में कई हैरान कर देने वाली जानकारी सामने आई है।
पिता की वित्तीय स्थिति और जीवनशैली
पुलिस के अनुसार, चेतन कुमार ने पिछले 12 सालों में कई कारोबार किए थे। हालांकि, आज वह आर्थिक रूप से पूरी तरह कंगाल हो चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि वह जिस फ्लैट में किराए पर रहता था, वहां का किराया उसने लगातार तीन महीने से नहीं दिया था। पहले चेतन चार-पहिया वाहन चलाते थे और कई सुविधाओं में जीवन जीते थे, लेकिन अब उनकी जीवनशैली पूरी तरह बदल गई है।
तीनों बेटियों के पिता की वित्तीय स्थिति और जीवनशैली में यह गिरावट यह सवाल उठाती है कि क्या आर्थिक कठिनाइयों और पारिवारिक तनाव ने इन नाबालिगों की मानसिक स्थिति पर असर डाला।
पिता की तीन शादियाँ और परिवार की जटिलताएँ
पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि चेतन कुमार की तीन शादियाँ हैं।
ACP शालीमार गार्डन, अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, तीसरी पत्नी टीना मुस्लिम हैं और उन्होंने 2023 में चेतन से शादी करने से पहले अपना धर्म परिवर्तन किया। पुलिस ने यह भी बताया कि चेतन द्वारा बताई गई शादियों के साल और बच्चों की उम्र में विरोधाभास हैं। इससे पूरे परिवार की समयरेखा संदिग्ध हो गई है और जांचकर्ताओं को समझने में कठिनाई हो रही है कि वास्तव में कौन सी शादी कब हुई और कौन से बच्चे कब पैदा हुए।
पिता के अतीत और आपराधिक रिकॉर्ड
जांच में यह भी सामने आया कि चेतन कुमार पर पहले हर्ष फायरिंग जैसे कई मामलों में पुलिस की कार्रवाई हो चुकी है। इसके अलावा उनके अतीत में अन्य विवादास्पद घटनाएँ भी दर्ज हैं। इस तरह का इतिहास यह संकेत देता है कि परिवार में रहने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण नहीं था।
पुलिस की जांच और आगामी कदम
गाजियाबाद पुलिस लगातार इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। मृतक बच्चियों के पिता की वित्तीय स्थिति, उनकी शादियों और परिवार की जटिलताओं की जांच की जा रही है। पुलिस की प्राथमिक रिपोर्ट में यह भी संकेत मिले हैं कि पारिवारिक विवाद और आर्थिक कठिनाइयाँ नाबालिग बेटियों की मानसिक स्थिति पर भारी असर डाल सकती हैं।
ACP अतुल कुमार सिंह ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और व्यापक होगी। परिवार की हर गतिविधि, चेतन कुमार के व्यापार और बच्चों की देखभाल से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!