ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
गाजियाबाद
में
घर
बनाना
अब
पहले
से
कहीं
ज़्यादा
महंगा
हो
गया
है।
राज्य
सरकार
के
ताज़ा
आदेश
के
बाद
यहाँ
का
विकास
शुल्क (Development Charges) काफी
बढ़ा
दिया
गया
है, जिससे घर बनाने और प्लॉट का नक्शा पास कराने की लागत सीधे प्रभावित होगी।
विकास शुल्क में इतनी वृद्धि
पहले
गाजियाबाद
में
विकास
शुल्क
3208
रुपये
प्रति
वर्ग
मीटर
था, जिसे अब 4170 रुपये
प्रति
वर्ग
मीटर
कर
दिया
गया
है।
इसका
मतलब
यह
हुआ
कि
एक 100 वर्ग
मीटर
के
प्लॉट
के
नक्शा
पास
कराने
पर
पहले
के
मुकाबले
करीब 96,200 रुपये
ज़्यादा
चुकाने
पड़ेंगे।
इससे
मकान
निर्माण
की
कुल
लागत
में
बड़ा
इज़ाफ़ा
होने
की
संभावना
है। विशेषकर
मोदीनगर
और
मुरादनगर
जैसे
इलाकों
पर
इसका
असर
सबसे
अधिक
पड़ेगा।
पहले
यहाँ
विकास
शुल्क 2500 रुपये
प्रति
वर्ग
मीटर
था, जिसे अब समान रूप से 4170 रुपये
प्रति
वर्ग
मीटर
कर
दिया
गया
है।
किस आधार पर शुल्क बढ़ाया गया?
सरकार
का
कहना
है
कि
शहर
में
आबादी
बढ़ने
के
कारण
सड़कें, सीवर, स्ट्रीट लाइट, पार्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च बढ़ा है। इसी वजह से विकास शुल्क को ऊँचा तय किया गया है ताकि उसकी कमाई से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाया जा सके।
गाजियाबाद
को
सबसे
महंगी
श्रेणी
में
रखा
गया
है, जहां चार्ज सबसे अधिक है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य शहरों में यह शुल्क अलग-अलग स्तर पर लागू होगा—जैसे वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और नोएडा में 1510 रुपये
प्रति
वर्ग
मीटर, लखनऊ, कानपुर, आगरा में 2475 रुपये, जबकि
अलीगढ़, गोरखपुर
और
बुलंदशहर
में 1070 रुपये
प्रति
वर्ग
मीटर
निर्धारित
किया
गया
है।
रियल एस्टेट पर प्रभाव
रियल
एस्टेट
विशेषज्ञों
का
मानना
है
कि
बढ़े
हुए
विकास
शुल्क
का
भार
बिल्डर
ग्राहकों
पर
डालेंगे।
इसका
सीधा
असर
घर, फ़्लैट और प्लॉट की कीमतों में भी होगा। इस वजह से आम लोगों के लिए गाजियाबाद में घर बनाना और भी मुश्किल होने की आशंका है। विकास शुल्क के अलावा गाजियाबाद में प्रॉपर्टी के अन्य खर्च जैसे सर्कल रेट्स भी बढ़ने की संभावनाएँ हैं। इससे घर खरीदने पर लगने वाला स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क भी बढ़ सकता है, जैसा अन्य रिपोर्टों में भी संकेत मिला है कि प्रॉपर्टी के रेट पूरे क्षेत्र में अपडेट किए जा रहे हैं या प्रस्तावित किए जा रहे हैं।
आम लोगों पर असर
अगर
कोई
व्यक्ति
पहली
बार
घर
बनाना
चाहता
है
या
निर्माणाधीन
प्लॉट
का
नक्शा
पास
करा
रहा
है, तो उसे अब पहले की तुलना में ज़्यादा विकास शुल्क और अन्य जुड़े खर्चों का सामना करना पड़ेगा। खासकर मध्यम और निम्न बजट वाले खरीदारों के लिए यह एक बड़ा वित्तीय बोझ बन सकता है। बाज़ार
में
पहले
से
ही
गति
पकड़
रही
जमीन
और
फ़्लैट
की
कीमतों
के
साथ
यह
अतिरिक्त
विकास
शुल्क
घर
की
कुल
लागत
को
और
ऊपर
उठा
सकता
है।
गाजियाबाद
में
विकास
शुल्क
में
यह
वृद्धि
सरकार
के
शहर
के
रूप
में
इसे
बेहतर
बनाने
की
योजना
का
हिस्सा
है, लेकिन इसका सीधा असर आमतौर पर घर बनाने वालों और खरीदारों की जेब पर पड़ेगा। आने वाले समय में घर बनाने या प्रॉपर्टी खरीदने वालों को नए बजट और अतिरिक्त खर्चों के लिए पहले से तैयारी करने की आवश्यकता होगी।
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