ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
जवाहरलाल
नेहरू, जो आधुनिक भारत के पहले प्रधानमंत्री और स्वतंत्रता संग्राम के एक अहम नेता
रहे, केवल राजनीति और सिद्धांतों तक सीमित नहीं थे। उनकी निजी जिंदगी में भी प्रेम
और भावनाओं की गहरी भूमिका रही। इतिहास और मीडिया रिपोर्ट्स में नेहरू और कुछ महिलाओं
के बीच गहरे और कभी-कभी विवादास्पद संबंधों का उल्लेख मिलता है।
कमला नेहरू: जीवनसाथी और संघर्ष में साथी
पंडित
जवाहरलाल नेहरू का विवाह 1916 में कमला नेहरू से हुआ। यह शादी पारिवारिक सहमति से हुई
और उस दौर की सामाजिक परंपराओं के अनुरूप थी। कमला नेहरू स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय
थीं और कांग्रेस की गतिविधियों में भाग लेती थीं। उनका स्वास्थ्य अक्सर कमजोर रहता
था और 1936 में स्विट्जरलैंड में उनका निधन हो गया। कमला नेहरू ने नेहरू के जीवन में
राजनीतिक और निजी रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एडविना माउंटबेटन: भावनात्मक नज़दीकी
नेहरू
और एडविना माउंटबेटन के बीच गहरा भावनात्मक रिश्ता माना जाता है। एडविना, भारत के अंतिम
वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन की पत्नी थीं। दोनों के बीच पत्राचार और मुलाकातों का जिक्र
कई किताबों में मिलता है। इतिहासकारों का मानना है कि यह रिश्ता भावनात्मक और गहरा
था, हालांकि सार्वजनिक तौर पर इसे स्वीकार नहीं किया गया।
पद्मजा नायडू और मृणालिनी साराभाई: संस्कृति और मित्रता
पद्मजा
नायडू, सरोजिनी नायडू की बेटी और स्वतंत्र भारत की राजनीति में एक प्रमुख महिला, नेहरू
के करीबी लोगों में शामिल थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों के बीच गहरी मित्रता
थी और कुछ समय तक शादी की अटकलें भी चलीं।
मृणालिनी साराभाई, प्रसिद्ध नृत्यांगना, नेहरू के कला और संस्कृति के प्रति प्रेम का हिस्सा थीं। उनके काम और कला के प्रति नेहरू की रुचि ने इस रिश्ते को विशेष महत्व दिया। हालांकि इसके प्रमाण कम हैं, पत्राचार और मुलाकातों का जिक्र जीवनी लेखकों ने किया है।
श्रद्धा माता और अन्य महिलाएं
नेहरू के निजी सचिव और लेखक खुशवंत सिंह ने बनारस की श्रद्धा माता का उल्लेख किया है। नेहरू और श्रद्धा माता के बीच पत्रों के जरिए संवाद होता था, जो उस समय काफी चर्चा में रहा।
कुछ
रिपोर्ट्स में सुशीला नैयर और अमृत कौर जैसे नामों का भी उल्लेख मिलता है। सुशीला नैयर
नेहरू की चिकित्सक और करीबी सहयोगी थीं, जबकि अमृत कौर स्वतंत्र भारत की पहली स्वास्थ्य
मंत्री रहीं। इन रिश्तों की प्रकृति पर इतिहासकारों के बीच मतभेद हैं, लेकिन यह स्पष्ट
है कि ये महिलाएं नेहरू के जीवन में महत्वपूर्ण रही।
जवाहरलाल
नेहरू केवल एक नेता या प्रधानमंत्री नहीं थे। उनका जीवन राजनीतिक संघर्ष और सार्वजनिक
जीवन के साथ-साथ व्यक्तिगत भावनाओं, इश्क़ और गहरी मित्रताओं से भरा था। कमला नेहरू
से शादी, एडविना माउंटबेटन के साथ भावनात्मक नज़दीकी, और पद्मजा नायडू, मृणालिनी साराभाई,
श्रद्धा माता जैसी महिलाओं के साथ संबंध इस बात का प्रमाण हैं कि नेहरू का व्यक्तित्व
केवल सत्ता तक सीमित नहीं था, बल्कि उनका दिल भी भावनाओं और प्रेम से भरा था।
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