ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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IPL 2026 शुरू होने से पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने लीग की नीलामी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
उथप्पा ने कहा है कि मौजूदा ऑक्शन सिस्टम अब पुराना पड़ चुका है और इसमें
बदलाव की जरूरत है।
उनके मुताबिक खिलाड़ियों को बोली लगाकर खरीदने का तरीका सम्मानजनक
नहीं लगता और कई बार ऐसा महसूस होता है जैसे इंसानों को सामान की तरह खरीदा-बेचा
जा रहा हो।
रॉबिन उथप्पा का यह बयान IPL के नए सीजन से
पहले सामने आया है, जब टीमों की तैयारी और खिलाड़ी प्रबंधन
पर चर्चा तेज है।
ऑक्शन मॉडल पर क्या कहा
उथप्पा
ने IPL ऑक्शन सिस्टम को
“पुराना” और “समझ से परे” बताया।
उन्होंने कहा कि जिस तरह खिलाड़ी “अंडर द हैमर” जाते हैं, वह खेल और खिलाड़ियों की गरिमा के हिसाब से सही तस्वीर पेश नहीं करता।
उनका कहना है कि यह मॉडल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अब नए दौर के हिसाब से इसमें बदलाव होना चाहिए।
खबर के मुताबिक उथप्पा ने इस मुद्दे को खिलाड़ियों की गरिमा और
पेशेवर ढांचे से जोड़कर उठाया।
ड्राफ्ट सिस्टम की वकालत
रॉबिन
उथप्पा ने अमेरिकी खेल लीग की तरह ड्राफ्ट सिस्टम लागू करने की बात कही है।
उनके मुताबिक ड्राफ्ट सिस्टम आने पर टीम बनाने की प्रक्रिया ज्यादा
व्यवस्थित, रणनीतिक और संतुलित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में कई बार पैसे की बोली ज्यादा
अहम दिखती है, जबकि ड्राफ्ट मॉडल में फ्रेंचाइजी बेहतर योजना
के साथ खिलाड़ियों को चुन सकती हैं।
उथप्पा ने यह भी सुझाव दिया कि साल भर खुली ट्रेड विंडो होनी चाहिए।
उनके अनुसार इससे टीमों को अपनी जरूरत के हिसाब से खिलाड़ियों की
अदला-बदली करने में आसानी होगी।
खिलाड़ी प्रबंधन पर जोर
उथप्पा
का कहना है कि खुले ट्रेड विंडो सिस्टम से खिलाड़ी प्रबंधन बेहतर हो सकता है।
उन्होंने इसे टीम निर्माण और स्क्वाड बैलेंस से जुड़ा मुद्दा बताया
है।
उथप्पा के बयान में यह संकेत भी दिखता है कि IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की खरीद-फरोख्त वाली छवि पर फिर से
सोचने की जरूरत बताई जा रही है।
खबर के अनुसार उन्होंने मौजूदा मॉडल को बदलने की मांग सीधे तौर पर
रखी है।
बहस फिर तेज
IPL ऑक्शन
लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है।
कुछ लोग इसे रोमांचक मानते हैं, जबकि कुछ इसके
तरीके पर सवाल उठाते रहे हैं।
उथप्पा के बयान के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हुई है कि दुनिया की
सबसे बड़ी टी20 लीग को ऑक्शन मॉडल से आगे बढ़ना चाहिए या
नहीं।
उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब IPL 2026 शुरू
होने से पहले लीग के ढांचे, टीमों की रणनीति और खिलाड़ियों
की भूमिका को लेकर चर्चाएं बढ़ रही हैं।
मौजूदा संदर्भ
रॉबिन
उथप्पा का बयान सीधे तौर पर ऑक्शन सिस्टम की कार्यप्रणाली को लेकर है।
उन्होंने न सिर्फ मौजूदा प्रक्रिया पर आपत्ति जताई, बल्कि उसका विकल्प भी सुझाया।
ड्राफ्ट सिस्टम और ट्रेड विंडो की मांग को उन्होंने आधुनिक खेल
ढांचे के अनुरूप बताया।
फिलहाल IPL प्रबंधन या संबंधित पक्ष की ओर से
इस मुद्दे पर किसी बदलाव का जिक्र उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
हालांकि उथप्पा के बयान के बाद ऑक्शन मॉडल को लेकर चर्चा फिर
प्रमुखता से सामने आ गई है।
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