ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
नोएडा शहर तेजी से बढ़ रहा है। हर तरफ नई इमारतें, शॉपिंग मॉल, मेट्रो लाइनें। लेकिन इसी बीच एक बड़ी समस्या भी खड़ी हो गई—अवैध कब्जा। जमीन माफिया सरकारी जमीन पर कब्जा करके प्लॉट काटने लगे। लाखों रुपये के फ्लैट बेचने लगे। लेकिन अब नोएडा अथॉरिटी ने कमर कस ली है। बुलडोजर लेकर मैदान में उतर गई। सिर्फ 2 साल में 2745 करोड़ रुपये कीमत की जमीन आजाद करा ली। ये कोई छोटी बात नहीं। आम आदमी को घर चाहिए, लेकिन कानून के दायरे में।
जमीन माफिया का खेल पुराना है। सरकारी
जमीन पर रातोंरात दीवार खड़ी कर देते। अंदर प्लॉटिंग शुरू। गरीब लोग लालच में आकर
खरीद लेते। बाद में अथॉरिटी आती तो सब रोना। अब प्राधिकरण ने साफ कर दिया—कोई ढील
नहीं।
बुलडोजर का धमाल: 830
करोड़ की जमीन एक दिन में आजाद
बुधवार को सबसे बड़ा एक्शन हुआ।
प्राधिकरण की तीन टीमों ने अलग-अलग जगहों पर बुलडोजर चलाया। भंगेल बेगमपुर में 2000
वर्ग मीटर, सेक्टर-143 के
सुथियाना डूब क्षेत्र में 75,000 वर्ग मीटर और सोहरखा
जाहिदाबाद में 6000 वर्ग मीटर जमीन खाली कराई। कुल 83,000
वर्ग मीटर। बाजार कीमत—830 करोड़ रुपये से
ज्यादा। सुबह-सुबह पीला पंजा लेकर टीम पहुंची। कुछ लोगों ने विरोध किया, लेकिन भारी पुलिस फोर्स ने संभाल लिया। बिना देर किए अवैध ढांचे गिरा दिए
गए।
सीईओ लोकेश एम के सख्त निर्देश थे।
डूब क्षेत्र में कब्जा सबसे खतरनाक। बरसात में बाढ़ आती है,
लोग फंस जाते हैं। इसलिए प्राथमिकता दी गई। ये कार्रवाई अधिसूचित
क्षेत्र, अर्जित और कब्जा प्राप्त जमीन पर हुई।
2 साल के आंकड़े:
प्राधिकरण का रिपोर्ट कार्ड
2024-25 में 2,15,912 वर्ग मीटर जमीन आजाद हुई। 2025-26 में अब तक 23,93,158
वर्ग मीटर। कुल वैल्यू—2745 करोड़। 174
लोगों को 527 नोटिस भेजे। 25 FIR विभिन्न थानों में दर्ज। ये आंकड़े बताते हैं कि प्राधिकरण गंभीर है।
अतिक्रमण हटाने के साथ सीलिंग भी हो रही। भूमाफिया डरने लगे हैं।
अंदरूनी साफ-सफाई भी हुई। लापरवाह
अफसरों पर कार्रवाई। कुछ को नौकरी से निकाला, कुछ
के वेतन रोके। जांच में पाया गया कि अफसरों ने आंखें बंद कर रखी थीं। अब कोई बच
नहीं सकता।
डूब क्षेत्र और अधिसूचित इलाके: सबसे
संवेदनशील
नोएडा का डूब क्षेत्र हिंदन नदी से
जुड़ा। बरसात में पानी भर जाता। वहां अवैध कॉलोनियां बन गईं। लोग प्लॉट खरीदे,
घर बनाए। लेकिन खतरा मंडाता रहा। प्राधिकरण ने चेतावनी दी—ये जमीन
सरकारी। बिक्री गैरकानूनी। फिर भी माफिया नहीं माने। अब बुलडोजर ने सब साफ कर
दिया।
अधिसूचित क्षेत्र में बहुमंजिला
इमारतें खड़ी हो रही थीं। प्राधिकरण ने साफ कहा—पूरी तरह बैन। संयुक्त टीमों को
निर्देश—निरंतर चेकिंग। जनता को अखबारों, साइनबोर्ड
से जागरूक किया जा रहा। कोई झांसे में न आए।
आम आदमी का फायदा: व्यवस्था सुधरेगी
अवैध कब्जा खत्म होने से शहर सुंदर
बनेगा। सड़कें चौड़ी होंगी। ग्रीन स्पेस बढ़ेगा। ड्रेनेज सिस्टम बेहतर होगा। बाढ़
का खतरा कम। निवेशक आएंगे। प्रॉपर्टी रेट स्थिर होगा। लेकिन सबसे बड़ा
फायदा—कानूनी घर मिलेंगे। लोग भरोसे से खरीदारी करेंगे।
पहले माफिया सस्ते में बेचते। लोग
खुश। लेकिन कब्जा आने पर सब उजड़ जाता। अब प्राधिकरण अलॉटमेंट तेज करेगी। गरीबों
के लिए EWS
फ्लैट्स। सबका भला होगा।
भूमाफिया का खेल: कैसे करते हैं जाल
ये माफिया चालाक होते हैं। सरकारी
नक्शे चेक करते। कमजोर जगह ढूंढते। रात में बाउंड्री तोड़ते। झुग्गी डालते।
धीरे-धीरे पक्का घर। बिजली-पानी का कनेक्शन। फिर प्लॉट बेचना शुरू। गरीब लालच में
फंस जाते। प्रलोभन देते—रजिस्ट्री करा देंगे। लेकिन झूठ। प्राधिकरण ने चेतावनी
दी—ऐसे प्लॉट न खरीदें।
चुनौतियां अभी बाकी: निरंतर सतर्कता
जरूरी
कार्रवाई तो हुई,
लेकिन माफिया पीछे नहीं हटेंगे। नए तरीके अपनाएंगे। इसलिए प्राधिकरण
को 24 घंटे अलर्ट रहना होगा। ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट इमेजरी इस्तेमाल करें। लोकल लोगों को शामिल करें। व्हिसलब्लोअर
को इनाम दें। तभी जड़ से खत्म होगा।
राजनीतिक दबाव भी आता है। लेकिन सीईओ
लोकेश एम ने दिखा दिया—कानून सर्वोपरि। पुलिस का पूरा सहयोग। बिना डरे कार्रवाई।
यही मिसाल बनेगी।
जनता की प्रतिक्रिया: दोहरी बातें
कुछ लोग ताली बजा रहे। कहते हैं—शहर
साफ हो रहा। लेकिन प्रभावित लोग नाराज। चिल्ला रहे—घर गिरा दिया। बच्चे सड़क पर।
प्राधिकरण को अब रिहैबिलिटेशन प्लान बनाना चाहिए। कानूनी खरीददारों को नुकसान न
हो। पारदर्शिता जरूरी।
स्थानीय लोग कहते हैं—कार्रवाई अच्छी,
लेकिन पहले चेतावनी ज्यादा दो। नोटिस पीट-पीटकर थका दो। फिर
बुलडोजर। सब स्वीकार करेंगे।
आगे का रोडमैप: स्मार्ट सिटी का सपना
नोएडा स्मार्ट सिटी बनेगा। इसके लिए
जमीन साफ जरूरी। प्राधिकरण ने 2026 तक और बड़ा
टारगेट रखा। ग्रीन बेल्ट बढ़ाएंगे। पार्क बनाएंगे। मेट्रो एक्सटेंशन को जमीन
मिलेगी। निवेश आएगा। रोजगार बढ़ेगा। सपना साकार होगा।
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