ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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हाल ही में ग्रेटर नोएडा से एक खबर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर सबका खूब ध्यान खींचा। ग्रेटर नोएडा की एक सोसायटी में हॉर्न बजने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना उग्र हो गया कि मारपीट तक पहुँच गया। घटना में एक पुरुष और एक महिला को हॉकी स्टिक से पीटा गया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
मामला: हॉर्न बजने का विवाद
ग्रेटर नोएडा की एक सोसायटी के भीतर रविवार देर शाम यह सब हुआ। जानकारी के अनुसार, सोसायटी के भीतर एक कार में सवार युवक-युवती अपनी कार चला रहे थे। जैसे ही वे गाड़ी को रोकने लगे, उन्होंने हॉर्न बजाया। यह छोटी-सी आवाज़ कुछ अन्य सोसायटी निवासियों को नागवार लगी। लोग कह रहे थे कि रात के समय सोसायटी में बिना वजह हॉर्न बजाना अनुचित है।
इसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच बहस शुरू हुई। झगड़ा कुछ ही समय में बढ़ता गया और विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। मामला तब और गंभीर हो गया जब कुछ लोगों ने हॉकी स्टिक उठाकर कार में बैठे युवक और युवती पर हमला कर दिया।
मारपीट में युवक-युवती घायल
हमले में दोनों को चोटें आईं, खासकर महिला को काफी मारपीट सहनी पड़ी। हमले की जानकारी मिलने पर सोसायटी के अन्य लोग और सुरक्षा कर्मचारी मौके पर पहुंचे। घायल युवक-युवती को तुरंत पास ही के अस्पताल में ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल दोनों को हल्की-फुल्की चोटें आई हैं, लेकिन चिकित्सकों के अनुसार स्थिति अब स्थिर है।
घटना के बाद सोसायटी के निवासियों में काफी आक्रोश देखा गया। कई लोगों ने अपनी कार के पास खड़े होकर शिकायत की कि बिना वजह हॉर्न बजाना चाहे कितना भी छोटा क़दम हो, लेकिन हिंसा का कोई औचित्य नहीं बनता।
पुलिस में शिकायत और कार्रवाई
घटना की खबर मिलते ही नोएडा पुलिस की टीम ने तुरंत सोसायटी में पहुंचकर मामला शांत कराया। घायल युवकों-युवतियों का बयान लिया गया और CCTV फुटेज भी जब्त किया गया। पुलिस ने सोसायटी के कुछ संदिग्धों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस तरह की छोटी-मोटी बातों को लेकर हिंसा करना कानून के खिलाफ है। उन्होंने निवासियों से अपील की है कि वे किसी भी विवाद को पुलिस या सोसायटी कमिटी के माध्यम से शांतिपूर्वक सुलझाएं, मारपीट या तोड़-फोड़ से बचें।
सोसायटी में सुरक्षा की चिंता
सोसायटी के अन्य निवासियों ने बताया कि रात के समय में हॉर्न बजाना अक्सर देखने को मिलता है, लेकिन इसे लेकर सड़क पर भीड़ इकट्ठा होना और किसी को घायल कर देना हैरान करने वाला है। कई लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की मांग उठाई है ताकि भविष्य में फिर इस तरह की हिंसा न हो।
कुछ लोगों ने कहा कि यदि सोसायटी के भीतर हॉर्न बजाने की मनाही है, तो इसे स्पष्ट रूप से बोर्ड के ज़रिए सूचित किया जाना चाहिए। वहीं नियंत्रक सदस्यों ने भी सोसायटी में शांति और नियमों के पालन पर जोर दिया।
ग्रेटर नोएडा की यह घटना हमें याद दिलाती है कि छोटी-सी बात पर भी गुस्सा और हिंसा समाज में कितनी जल्दी बढ़ सकती है। हॉर्न-बजाने जैसे मामूली मुद्दे को लेकर मारपीट तक पहुँचना कहीं न कहीं हमारे सामाजिक व्यवहार में तनाव और असहिष्णुता का संकेत है। ऐसे में जरूरी है कि संवेदनशीलता और संयम से काम लिया जाए, ताकि समाज में शांति और सौहार्द बनी रहे।
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