ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
नोएडा
में
यमुना
पुश्ता
पर
एलिवेटेड
रोड
बनाने
की
योजना
पर
तेजी
से
काम
हो
रहा
है।
इस
परियोजना
का
उद्देश्य
नोएडा
एक्सप्रेसवे
पर
बढ़ते
ट्रैफिक
दबाव
को
कम
करना
और
इंटरनेशनल
एयरपोर्ट
से
बेहतर
कनेक्टिविटी
प्रदान
करना
है।
प्रस्तावित
सड़क
को
एनएचएआई
या
यूपीडा
में
से
किसी
एक
एजेंसी
द्वारा
बनाया
जा
सकता
है।
एलिवेटेड रोड का निर्माण और PPP मॉडल
योजना
को PPP (पब्लिक
प्राइवेट
पार्टनरशिप)
मॉडल
के
तहत
लाया
जा
सकता
है।
इसका
मतलब
है
कि
निर्माण
में
निजी
या
सार्वजनिक
निवेश
किया
जाएगा
और
टोल
लगाकर
निर्माण
लागत
वसूली
जाएगी।
एलिवेटेड
रोड
का
निर्माण
पुश्ता
और
उसके
आसपास
की
जमीन
पर
प्रस्तावित
है।
इसलिए
सिंचाई
विभाग
से
एनओसी
लेना
अनिवार्य
है, ताकि सड़क निर्माण के दौरान ड्रेनेज चैनल और तटबंध को नुकसान न पहुंचे।
लखनऊ में हुई बैठक और परियोजना पर चर्चा
इस
योजना
को
लेकर
लखनऊ
में
उच्च
स्तर
की
बैठक
हुई, जिसमें यमुना पुश्ता रोड पर प्रस्तावित एलिवेटेड प्रोजेक्ट की जियोग्राफिक मैपिंग और तकनीकी विवरण प्रस्तुत किए गए। बैठक में फंडिंग पैटर्न, निर्माण एजेंसी, डिजाइन और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में आईडीसी दीपक कुमार भी मौजूद थे।
माना
जा
रहा
है
कि
आने
वाले
कुछ
दिनों
में
इस
परियोजना
पर
अंतिम
मुहर
लग
सकती
है, और इसके बाद कार्य शुरू हो जाएगा।
सिंचाई विभाग की पूर्व में अस्वीकृति और नई तकनीक
पहले
नोएडा
प्राधिकरण
कई
बार
सिंचाई
विभाग
से
एनओसी
लेने
का
प्रयास
कर
चुका
है।
करीब
तीन
महीने
पहले
विभाग
ने
पत्र
लिखा
था
कि
तटबंध
के
पास
निर्माण
से
ड्रेनेज
चैनल
और
एम्बैंकमेंट
प्रभावित
हो
सकते
हैं, इसलिए अनुमति नहीं दी जा सकती।
अब
नई
तकनीक
के
इस्तेमाल
पर
विचार
किया
जा
रहा
है।
सड़क
एलिवेटेड
होगी, जिससे तटबंध और ड्रेनेज सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस तरह परियोजना को पर्यावरण और सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाया जा सकेगा।
परियोजना का पैमाना और बजट
यमुना
पुश्ता
का
यह
सेक्टर-94 से
सेक्टर-150 तक
लगभग 23 किलोमीटर
लंबा
है।
आगे
यह
सड़क
यमुना
एक्सप्रेसवे
तक
लगभग 30 किलोमीटर
तक
जाएगी।
इस
पूरे
हिस्से
पर
एलिवेटेड
रोड
का
निर्माण
प्रस्तावित
है।
इस
परियोजना
की
लागत
हजारों
करोड़
रुपए
हो
सकती
है।
इतना
बड़ा
बजट
अकेले
नोएडा
प्राधिकरण
के
लिए
वहन
करना
मुश्किल
है।
इसलिए
इसे
बोर्ड
बैठक
में
लाया
गया, जहां यूपीडा को निर्माण का जिम्मा दिया गया और खर्च तीनों प्राधिकरणों द्वारा साझा करने का प्रस्ताव रखा गया।
लाभ: एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे
एलिवेटेड
रोड
बनने
से
दिल्ली
और
इंटरनेशनल
एयरपोर्ट
के
बीच
कनेक्टिविटी
बेहतर
होगी।
इसके
अलावा, नोएडा
एक्सप्रेसवे
का
ट्रैफिक
दबाव
कम
होगा।
यूपी
सरकार
और
नोएडा
प्राधिकरण
की
ओर
से
कहा
गया
है
कि
सिंचाई
विभाग
की
एनओसी
जल्द
जारी
की
जा
सकती
है
और
निर्माण
जल्द
शुरू
होगा।
इस
परियोजना
से
नोएडा
के
निवासियों
और
आने-जाने वाले यात्रियों दोनों को राहत मिलेगी।
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