ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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हिमाचल प्रदेश के शहरी निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार में से तीन नगर निगमों पर कब्जा कर लिया है। मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगम में बीजेपी ने जीत दर्ज कर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। वहीं कांग्रेस केवल पालमपुर नगर निगम बचाने में सफल रही। इन चुनावी नतीजों को राज्य की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इन परिणामों को आगामी राजनीतिक समीकरणों का संकेत माना जा रहा है।
63 सीटों पर हुआ था मतदान
नगर निगम चुनाव में कुल 63 सीटों के लिए मतदान कराया गया था। परिणामों में बीजेपी ने 37 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस के खाते में 23 सीटें आईं। इसके अलावा तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। बीजेपी के प्रदर्शन ने यह दिखा दिया कि शहरी क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ मजबूत बनी हुई है। वहीं कांग्रेस को अपेक्षा के अनुरूप सफलता नहीं मिल सकी।
मंडी में कांग्रेस का लगभग सफाया
मंडी नगर निगम में बीजेपी ने एकतरफा जीत हासिल की। यहां पार्टी ने 14 में से 12 सीटें जीत लीं। कांग्रेस केवल एक सीट पर सिमट गई, जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। मंडी में मिली इस बड़ी जीत ने बीजेपी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा दिया है। यह नगर निगम पहले से बीजेपी के कब्जे में था और पार्टी ने इसे बरकरार रखने में सफलता हासिल की।
धर्मशाला और सोलन में भी खिला कमल
धर्मशाला नगर निगम में भी बीजेपी ने कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए 11 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को यहां केवल पांच सीटें मिलीं, जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती। वहीं सोलन नगर निगम में बीजेपी ने 17 में से 10 सीटें अपने नाम कीं। कांग्रेस छह सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही और एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। इन दोनों नगर निगमों में पहले कांग्रेस का कब्जा था, जिसे बीजेपी ने छीन लिया।
पालमपुर में कांग्रेस ने बचाई प्रतिष्ठा
हालांकि कांग्रेस के लिए राहत की बात यह रही कि उसने पालमपुर नगर निगम में जीत दर्ज कर अपनी मौजूदगी बनाए रखी। यहां कांग्रेस ने 15 में से 11 वार्डों में जीत हासिल की, जबकि बीजेपी को चार सीटों से संतोष करना पड़ा। पालमपुर में सबसे अधिक 68.97 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके अलावा मंडी में 66.78 प्रतिशत, धर्मशाला में 60.01 प्रतिशत और सोलन में 58.32 प्रतिशत मतदान हुआ।
बीजेपी ने बताया जनमत संग्रह
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने इन नतीजों को कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनमत संग्रह बताया है। उन्होंने कहा कि जनता ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की नीतियों को नकार दिया है और बीजेपी पर भरोसा जताया है। राजीव बिंदल का कहना है कि यह परिणाम राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता का स्पष्ट संदेश हैं।
कांग्रेस ने स्थानीय कारणों को बताया जिम्मेदार
वहीं कांग्रेस नेता और मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने इन परिणामों को पूरे राज्य का जनमत मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि इन चुनावों में राज्य के केवल लगभग 15 प्रतिशत मतदाता शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि पार्टी चुनाव परिणामों की समीक्षा करेगी और उम्मीदवार चयन समेत स्थानीय कारणों का विश्लेषण किया जाएगा। कांग्रेस का मानना है कि इन नतीजों के आधार पर पूरे हिमाचल प्रदेश की राजनीतिक स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
नगर निगम चुनावों के नतीजों ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। बीजेपी इन परिणामों को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सकारात्मक संकेत मान रही है, जबकि कांग्रेस संगठनात्मक स्तर पर कमजोरियों की समीक्षा करने की तैयारी में जुट गई है। आने वाले समय में दोनों दलों की रणनीति पर इन चुनाव परिणामों का असर साफ दिखाई दे सकता है।
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