ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार तड़के ओमान के तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज में भीषण आग लगने की घटना सामने आई। इस घटना की पुष्टि ब्रिटिश सेना के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने की है। हालांकि आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन यह घटना ऐसे समय हुई है जब पूरे क्षेत्र में सैन्य तनाव अपने चरम पर है।
वैश्विक व्यापार के लिए अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस दुनिया के कई देशों तक पहुंचती है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पहले ही प्रभावित हो चुकी है। जहाज में आग लगने की घटना ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
अमेरिका की लगातार नौवें दिन एयरस्ट्राइक
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ लगातार नौवें दिन भी हवाई हमले जारी रखे हैं। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल समुद्री जहाजों और क्षेत्रीय सुरक्षा के खिलाफ किया जा सकता है। अमेरिका ने हाल ही में अपने एक और सैनिक की मौत की पुष्टि की है। इसके बाद सैन्य कार्रवाई और तेज कर दी गई है।
ईरान का दावा- परमाणु संयंत्र को बनाया गया निशाना
ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी हमलों में दक्षिण-पश्चिम ईरान स्थित दारखोविन परमाणु ऊर्जा परियोजना को निशाना बनाया गया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार, यह संयंत्र अभी निर्माणाधीन है और वहां किसी प्रकार की परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी। फिर भी इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
ईरान का जवाबी हमला
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने अपने सहयोगी देशों और अमेरिकी साझेदारों पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। जॉर्डन की सेना ने कई ईरानी मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। इसके बाद जॉर्डन सरकार ने ईरानी राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया। वहीं इजरायल भी हाई अलर्ट पर है। सेना ने चेतावनी दी है कि मिसाइलों का मलबा उसके क्षेत्र में गिर सकता है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है।
कुवैत भी बना निशाना
ईरान के हमलों का असर कुवैत में भी देखने को मिला। यहां एक बिजली और समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाले संयंत्र पर दो दिनों में दूसरी बार हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई। कुवैत अपनी पीने के पानी की लगभग 90 प्रतिशत जरूरत ऐसे ही संयंत्रों से पूरी करता है। ऐसे में इस हमले को बेहद गंभीर माना जा रहा है।
GCC ने लगाया युद्ध अपराध का आरोप
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। परिषद के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने कहा कि बिजली संयंत्रों और अन्य नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है और इसे युद्ध अपराध की श्रेणी में देखा जाना चाहिए।
पूरी दुनिया की नजर मध्य पूर्व पर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाज में आग, लगातार जारी अमेरिकी एयरस्ट्राइक और ईरान के जवाबी हमलों ने पूरे मध्य पूर्व को बेहद संवेदनशील स्थिति में ला दिया है। यदि दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और विश्व अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस तेजी से बदलते घटनाक्रम पर बनी हुई है।
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